#MeToo : 'मैं 14 साल की थी और वह 36 का...' प्रियंका चोपड़ा की को-एक्‍टर ने किया यौन शोषण का खुलासा

Wednesday, 18 October 2017 13:58

दुनिया भर में यौन उत्‍पीड़न के खिलाफ खुलकर समाने आ रही महिलाओं में अभी तक कई हॉलीवुड एक्‍ट्रेस का नाम सामने आ चुका है. अब बुधवार को ऑस्‍कर अवॉर्ड जीतने वाली पहली मूक एक्‍ट्रेस मार्ली माटलिन ने भी अपने साथ हुई यौन शोषण की घटना का खुलासा किया है. मार्ली हाल ही में बॉलीवुड एक्‍ट्रेस प्रियंका चोपड़ा के अमेरिकन टीवी शो 'क्‍वांटिको 3' से भी जुड़ी हैं. वह इस शो के इस नए सीजन में प्रियंका के साथ नजर आएंगी. मार्ली ने सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'मैं 14 साल की थी और वह 36 साल का था. मैं गूंगी हो सकती हूं, लेकिन चुप्‍पी वह आखिरी चीज होगी जो आप मेरी तरफ से सुन पाएंगे.' बता दें कि मार्ली को उनकी पहली फिल्‍म 'चिल्‍ड्रन ऑफ ए लेसर गॉड' के लिए बेस्‍ट एक्‍ट्रेस का ऑस्‍कर पुरस्‍कार दिया गया. महज 21 साल की उम्र में ऑस्‍कर पुरस्‍कार जीतने वाली वह पहली एक्‍ट्रेस भी हैं.

मार्ली ने अपनी यह कहानी #MeToo हैशटैग के साथ शेयर की है. बता दें कि हॉलीवुड एक्‍ट्रेस एलिसा मिलानो के #MeToo अभियान के तहत दुनियाभर की महिलाएं अपने साथ हुई यौन शोषण की घटनाओं का खुलासा कर रही हैं. इस कैंपेन को भारत समेत दुनिया भर में जबरदस्‍त समर्थन मिल रहा है और सिर्फ महिलाएं ही नहीं, बल्कि कई पुरुष भी महिलाओं के साथ होने वाली यौन घटनाओं का विरोध कर रहे हैं. बता दें कि हॉलीवुड एक्‍ट्रेस एलिसा मिलानो ने अपने साथ हुए यौन शोषण का खुलासा करते हुए दुनियाभर की महिलाओं से आह्वान किया है कि वह भी अपने साथ हुई इस तरह की घटनाओं के बारे में बताए ताकि यह साबित किया जा सके कि यह कोई छोटी या नजरअंदाज किए जा सकने वाली घटना नहीं है.
 
भारत की बात करें तो प्रसिद्ध कॉमेडियन मल्लिका दुआ भी  बचपन में अपने साथ हुई यौन शोषण की घटना का खुलासा कर चुकी हैं. कॉमेडियन मल्लिका दुआ ने अपने फेसबुक और सोशल मीडिया पर एक पोस्‍ट के तहत बताया कि वह 7 साल की उम्र में उनके साथ भी यौन शोषण की घटना हुई है.

एलिसा के इस ट्वीट के बाद दुनियाभर से महिलाएं #MeToo हैशटैग के साथ अपने साथ हुई घटनाओं को शेयर कर रही हैं. एलिसा के इस ट्वीट पर अभी तक 27,000 से ज्‍यादा ट्वीट आ चुके हैं जिसमें हजारों महिलाओं ने अपने साथ हुई घटनाओं का खुलासा किया है.

महिलाओं के लिए घातक है जहरीली हवा, ब्रेस्ट कैंसर तक का खतरा

Wednesday, 18 October 2017 13:51

 इस मौसम में बहने वाली जहरीली हवा हर किसी के लिए नुकसानदेह है और खासतौर पर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वाहनों से निकलने वाले धुंए, पड़ोसी राज्यों में धान की पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण के साथ ही दीवाली के मौके पर होने वाली आतिशबाजी बच्चों और बुजुर्गों के लिए तो घातक है ही, महिलाओं के लिए भी काफी नुकसानदेह है. विशेषज्ञों का दावा है कि इस प्रदूषण से ब्रेस्ट कैंसर तक हो सकता है.

इस मौसम में वायु प्रदूषण अब बड़ा चिंता का कारण बन चुकी है. पिछले दिनों उच्चतम न्यायालय द्वारा एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाये जाने की पृष्ठभूमि में यह बहस और तेज हो गयी है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट-

इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सर्जिकल ओंकोलॉजी विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सिद्धार्थ साहनी के अनुसार, प्रदूषणकारी तत्व शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक हैं. कुछ प्रदूषणकारी तत्वों की वजह से कैंसर होने का खतरा होता है और महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की आशंका भी रहती है.

उन्होंने कहा कि ब्रेस्ट कैंसर के 10 प्रतिशत कारण आनुवांशिक कारकों से जुड़े होते हैं लेकिन 90 प्रतिशत वजहें बाहरी होती हैं. इनमें पर्यावरण संबंधी कारक निश्चित रूप से एक वजह है.

मेदांता, गुड़गांव की रेडियोलॉजी विभाग की एसोसिएट निदेशक डॉ ज्योति अरोरा ने ब्रेस्ट कैंसर को भारत में बीमारियों से महिलाओं की मौत की दूसरी बड़ी वजह बताते हुए कहा, ‘‘हमने देखा है कि वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे बड़ी मात्रा में जुड़े हैं. नाइट्रोजन डाइ ऑक्साइड, सल्फर डाइ ऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड और लैड जैसे नुकसानदेह तत्वों से दमा, किडनी और फेफड़ों को नुकसान के साथ ही महिलाओं को भी काफी खतरा होता है.’’

उन्होंने कहा कि प्रदूषण और ब्रेस्ट कैंसर का यूं तो आपस में कोई सीधा संबंध नहीं है लेकिन वायु प्रदूषण में ऐसे कई जहरीले तत्व होते हैं जिसमें अलग अलग लोगों को उनकी जीवनशैली के आधार पर अलग अलग नुकसान होते हैं.

क्या कहते हैं आंकड़े-

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2020 तक कैंसर के 17.30 लाख से अधिक नये मामले सामने आ सकते हैं और इस बीमारी से 8.7 लाख लोगों की मौत की आशंका है इनमें सर्वाधिक जिम्मेदार कैंसर में ब्रेस्ट कैंसर, उसके बाद लंग और सर्विक्स कैंसर होंगे.

आईसीएमआर की एक और रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल ब्रेस्ट कैंसर के लगभग 1.44 लाख नये मामले सामने आते हैं और यह शहरी भारत में महिलाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा बनता जा रहा है.

कोलंबिया एशिया अस्पताल (पटियाला) में गायनोकोलाजिस्ट डॉ जी कंबोज ने भी ब्रेस्ट कैंसर और वायु प्रदूषण के बीच तार जुड़े होने की बात मानी. उन्होंने कहा कि जहरीली हवा में पाई जाने वाली नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड ब्रेस्ट कैंसर के लिए जिम्मेदार हो सकती है.

डॉ साहनी के अनुसार 2016 में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के महानगरों में प्रत्येक 11 में से एक महिला को पूरे जीवनकाल में कभी भी ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा होता है. 2002 में भारत में महिलाओं की मौत के लिए ब्रेस्ट कैंसर 246वां कारण था जो दस साल बाद यानी 2012 में महिलाओं की मृत्यु के तीन प्रमुख कारणों में शुमार हो गया.

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मनाई दिवाली, जमकर की भारतीयों की तारीफ

Wednesday, 18 October 2017 13:42

वॉशिंगटन: अमेरिक के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में अपनी पहली दिवाली मनाते हुए देश में विज्ञान, दवाओं, कारोबार और शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय अमेरिकियों के असाधारण योगदान को सराहा.

दिवाली आयोजन में ट्रंप के साथ संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्कली हेली, ‘सेंटर्स फॉर मेडीकेयर एंड मेडिकैड सर्विसेज’ की प्रशासक सीमा वर्मा, ‘यूएस फेडरल कम्युनिकेशन्स कमीशन’ के अध्यक्ष अजीत पई और मुख्य उप प्रेस सचिव राज शाह ने हिस्सा लिया.

ट्रंप ने ओवल कार्यालय में दिवाली मनाए जाने का वीडियो साझा करते हुए फेसबुक पर एक पोस्ट किया, ‘‘जब हम (दिवाली) मनाते हैं तो हमें खासतौर पर भारत के लोगों को याद करते हैं, जिन्होंने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का निर्माण किया है. भारत हिन्दू धर्म का घर है.’’ राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने ‘मजबूत रिश्तों’ को काफी अहमियत देते हैं.

ट्रंप ने कहा कि वह कई प्रशासनिक अधिकारियों और भारतीय अमेरिकी समुदाय के नेताओं के साथ रोशनी का त्यौहार दिवाली के आयोजन शिरकत करके काफी सम्मानित महसूस कर रहे हैं.

व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक तस्वीर के मुताबिक, राष्ट्रपति की बेटी इवांका भी जश्न में शामिल हुईं.

अपनी टिप्पणी में ट्रंप ने कहा कि भारतीय अमेरिकियों ने देश और दुनिया में असाधारण योगदान दिया है.

ट्रंप ने कहा, ‘‘आपने कला, विज्ञान, दवाओं, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया है. अमेरिका खास तौर से सशस्त्र सेना में बहादुरी के साथ सेवा देने वाले भारतीय-अमेरिकियों का आभारी है.’’ उन्होंने कहा कि दिवाली हिन्दुओं का सबसे खास त्यौहार है.

व्हाइट हाउस में दिवाली मनाने की परंपरा राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने अपने कार्यकाल में शुरू की थी. हालांकि बुश ने व्यक्तिगत रूप से कभी दिलावी समारोह में भाग नहीं लिया.

 

बिग-बॉस 11: रामा-रामा क्या है ये ड्रामा, ‘जानी दुश्मन’ विकास ने शिल्पा के माथे पर किया ‘किस’

Wednesday, 18 October 2017 13:35

बिग-बॉस सीजन 11 को एपिसोड 16 में शिल्पा शिंदे और विकास में दोस्ती देखने को मिली। वहीं दोनों एक दूसरे के गले भी मिले। जी हां, बेशक आपको यकीन न आए। लेकिन कल के एपिसोड में ऐसा हुआ। ये तो आप जानते ही हैं कि विकास और शिल्पा के बीच शो के पहले दिन से ही छत्तिस का आंकड़ा था। वहीं अब तक के शो के हर एपिसोड में शिल्पा विकास को टीज करती हुई ही नजर आई और विकास उनसे परेशान होते नजर आए। लेकिन इस बीच विकास का कई बार शिल्पा के प्रति रुख नरम हुआ। वहीं शिल्पा विकास के प्रति खुंखार ही बनी रहीं।

अब कल के एपिसोड में विकास शिल्पा को कहते हैं कि आज के लिए जो भी गुस्सा है उसे त्याग दो। विकास शिल्पा से कहते हैं कि हम आज के लिए दोस्त बन जाते हैं। हम आज पिछला कुछ भी मैटर डिस्कस नहीं करेंगे। शिल्पा पहले अजीब हाव-बाव दिखाती हैं। लेकिन विकास के फोर्स करने पर वह मान जाती हैं। तभी विकास शिल्पा को अपने गले लगा लेते हैं। यह देख घर के सारे सदस्य खुशी से चिल्लाते हैं। इसके बाद शिल्पा विकास से हंसते हुए कहती हैं, ये आप क्या कर रहे हैं, ‘अरे, बिग-बॉस देखिए ये क्या हो रहा है। ‘

वहीं घर में बिग-बॉस घर वालों को नया टास्क देते हैं जिसमें घरसदस्यों को दो भागों में बांट दिया जाता है। विकास और पुनीश को कैप्टेन बनाया जाता है। वहीं इस टास्क में कार्य संचालक विकास को बनाया जाता है। क्योंकि विकास इस वक्त घर के कप्तान भी हैं इसलिए उन पर अनुशास न को लेकर ज्यादा एक्सपेक्टेशन बढ़ जाती है। इधर, टास्क के दौरान पुनीश की टीम विकास को खूब टॉर्चर करती है। वहीं इस बीच विकास की आंख में भूसा चला जाता है। विकास दर्द के मारे खूब चिल्लाके हैं, वहीं बिग-बॉस विकास की हेल्प के लिए डॉक्टर को बिग-बॉस के घ र के अंदर भेजते हैं। इसके बाद विकास गिव-अप कर देते हैं। विकास इस दौरान पुनीश पर हाथ चला देते हैं, जिसकी सजा उन्हें बिग-बॉस से मिलती है। बिग-बॉस विकास से कैप्टेनशिप छीन लेते हैं और उन्हें जेल में भी डाल देते हैं।

 

7th Pay Commission Rajasthan: राजस्थान सरकार ने 12 लाख कर्मचारियों को दिया तोहफा, बढ़कर आएगी अक्टूबर की सैलरी

Wednesday, 18 October 2017 13:33

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को राजस्थान सरकार ने अपने यहां लागू कर दिया है। इससे राज्य के 12 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। राजस्थान सरकार ने दिवाली पर अपने कर्मचारियों को यह तोहफा दिया है। कर्मचारियों को बढ़ी हुई सेलरी अक्टूबर से ही मिलेगी। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि हमने वादा किया था कि सातवें वेतन आयोग का फायदा कर्मचारियों को 2017-18 में दे दिया जाएगा। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि हम इसे अक्टूबर से ही लागू कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि वेतन अंतर, भत्ते और बकाया के मामलों की जांच के लिए एक पैनल अधिकृत किया गया है। साथ ही यह भी कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को शासन का आधार मानती है और उनके कल्याण के प्रति संवेदनशील है।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपये से बढ़ाकर 21,000 रुपये करने पर विचार कर रही है। न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए करने की 7 वें वेतन आयोग द्वारा सिफारिश की गई है और कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गई है। इसके अलावा सरकार फिटमेंट फेक्टर को भी बढ़ाने पर विचार कर रही है। सरकार फिटमेंट फेक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 3.00 करने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनैंस मिनिस्टर अरुण जेटली द्वारा बनाई गई  नेशनल एनोमली कमेटी (NAC) न्यूनतम वेतन में 17 फीसदी और बढ़ोतरी की सिफारिश कर सकती है। कमेटी न्यूनतम वेतन को 18,000 से बढ़ाकर 21,000 रुपए करने की सिफारिश कर सकती है। हालांकि, सरकार न्यूनतम वेतन बढ़ाने के बाद एरियर नहीं देगी। सरकार न्यूनतम सैलरी बढ़ाने के बाद एरियर देकर सरकारी खजाने पर और बोझ नहीं डालना चाहती है।

पाकिस्तान: बलूचिस्तान के क्वेटा में बम धमाका

Wednesday, 18 October 2017 13:29

पाकिस्तान के दक्षिण पश्चिमी शहर क्वेटा में पुलिस के एक ट्रक को निशाना बनाकर किए गए बम विस्फोट में कम से कम सात पुलिसकर्मी मारे गए और 22 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी है। ‘डॉन न्यूज’ की खबर में बताया गया है कि पुलिस का एक वाहन 35 पुलिसर्किमयों को लेकर क्वेटा सिब्बी रोड पर सरियाब मिल इलाके से गुजर रहा था। शुरुआती खबरों के अनुसार, सुरक्षा सूत्रों ने उसी दौरान सड़क के किनारे बम विस्फोट होने का दावा किया।

क्वेटा के सरकारी अस्पताल के प्रवक्ता वासिम बेग ने सात लोगों की मृत्यु होने की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि घायलों को अस्पताल की आपात सेवा इकाई में लाया गया है। बलूचिस्तान के गृह मंत्री सरफराज बुगती ने हमले की निंदा करते हुए मौतों की पुष्टि की। 22 घायलों का क्वेटा के अस्पताल में इलाज चल रहा है। गृह मंत्री ने कहा ‘‘आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई खत्म नहीं हुई है। इस लड़ाई में बलूचिस्तान आगे है। जब तक इलाके में एक भी आतंकवादी हैं, तब तक हम नहीं रूकेंगे।’’

उन्होंने कहा ‘‘यह कायरतापूर्ण हमला हमारे सुरक्षा बलों को अपने दायित्व का निर्वाह करने से रोक नहीं सकेगा।’’ उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के क्वेटा शहर में ही पिछले साल भी पुलिस ट्रेनिंग सेंटर पर एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस आतंकी हमले में 60 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 118 से ज्यादा पुलिसवाले घायल हो गए थे। हमले में 3 आतंकी भी मारे गए थे। यह हमला पाकिस्तान में पिछले साल के सबसे बड़े आतंकी हमलों माना जाता है।

जानकारी के मुताबिक, छह हथियारबंद हमलावर क्वेटा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के हॉस्टल में घुस आए थे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। एक हमलावर ने सुसाइड जैकेट पहनी हुई थी। आतंकियों ने पुलिसवालों को बंधक बना लिया था। पाक मीडिया के मुताबिक, जिस वक्त यह हमला हुआ था, उस वक्त पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में कम से कम 600 कैडेट, वहीं अकेले हॉस्टल में 200 कैडेट मौजूद थे। पाकिस्तान अखबार डॉन के मुताबिक, 5-6 आतंकियों ने रात में करीब 11 बजे इस हमले को अंजाम दिया था। हमलावर सामने के गेट से हॉस्टल के अंदर दाखिल हुए थे।

 

 

लाख टके का सवाल, लालू यादव आजकल CBI की इतनी तारीफ क्यों करते हैं?

Wednesday, 18 October 2017 12:38

पटना: राजद अध्यक्ष लालू यादव कई हफ्तों तक बाहर रहने के बाद पटना लौट आए हैं. वह आजकल अपने हर मिलने वाले के सामने सीबीआई के अधिकारियों की तारीफ़ करना नहीं  भूलते. लालू के अनुसार- जब एजेंसी के मुख्यालय पर उनके  साथ पूछताछ चल रही थी तब लंच के समय उनका पसंदीदा भोजन भात, दाल और आलू का चोखा खिलाया गया, लेकिन जब उन्हें खैनी की तलब हुई तब उन्होंने कहा कि अब जवाब नहीं दे सकते तब सीबीआई अधिकारी बाहर खड़ी उनकी कार से खैनी का डिब्बा ले आए.

हालांकि सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि लालू यादव ने खाना खाने के बाद या खैनी खाने के बाद अधिकांश सवालों का जवाब गोलमोल दिया. कई सवालों का जवाब वह यह कहकर टाल गए कि अब ये पुरानी बात है और उन्हें याद नहीं. कुछ सवालों का जवाब उन्होंने लिखित देने का वादा भी किया.
 
लालू यादव से यह पूछताछ रेलवे के पुरी और रांची में दो होटल के बदले सस्ते दाम पर पटना में तीन एकड़ जमीन लेने का मामला है. हालांकि लालू ने जांच एजेंसी के अधिकारियों के सामने अपने कार्यकाल में रेलवे को कैसे मुनाफ़ा हुआ, उसकी पूरी कहानी ज़रूर सुनाई.
 
फिलहाल इस मामले में तेजस्वी यादव से भी पूछताछ हुई है और इस घोटाले की जांच आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा है. माना जा रहा हैं कि इस मामले में सीबीआई जल्द इन लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगी. सीबीआई ने लालू यादव के पटना स्थित घर पर जुलाई में छापा भी मारा था.
गौरतलब है कि नीतीश कुमार के साथ महागठबंधन टूटने के पीछे इस घोटाले को एक मुख्य कारण माना जाता है.  नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को सार्वजनिक रूप से सफ़ाई देने के लिए कहा था. लालू यादव का कहना है कि तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार से कहा था ‘ चाचा आप ही बता दीजिए या लिखवा दीजिए और मैं जाके बोल दूंगा."

जम्मू एवं कश्मीर गोलीबारी में 5 प्रदर्शनकारी घायल

Wednesday, 18 October 2017 12:37

जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों की ओर से हुई गोलीबारी में पांच नागरिक घायल हो गए। ये नागरिक विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए। 

एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि वुलेरहामा गांव में लोग कथित तौर पर एक चोटी काटने वाले का पीछा कर रहे थे, जो सेना के वाहन से भागने की कोशिश कर रहा था। 

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "प्रदर्शनकारियों ने सेना के वाहन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सेना के जवानों ने भीड़ पर गोलीबारी शुरू की, जिसमें पांच नागरिक घायल हो गए।"

घायल नागरिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

तेजस्वी यादव को सुशील मोदी मानते हैं 'बच्चा', जानें मुंह से क्यों निकल रहे हैं कड़वे बोल

Wednesday, 18 October 2017 11:45

पटना: बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को अभी भी बच्चा मानते हैं. सुशील मोदी से तेजस्वी यादव द्वारा पूछे गए सवालों के बारे में जब प्रतिक्रिया मांगी गई तब उन्होंने कहा कि वे अभी बच्चे हैं और उनकी सक्रियता केवल ट्विटर पर होती है.  सुशील मोदी ने कहा कि तेजस्वी के पास ट्वीट करने के अलावा क्या काम बचा है. सुशील मोदी के अनुसार- जब मौक़ा मिला तो तेजस्वी यादव चूक गए और या तो बिहार के बाहर या विदेश घूमते रहे. लगता है मोदी अभी तक तेजस्वी यादव के जब वो सरकार में थे उस समय के प्रतिक्रिया को नहीं भूले हैं. जब तेजस्वी ने मोदी द्वारा पूछे गए सवालों को यह कहकर टाल जाते थे कि उनके पास कई मंत्रालय के काम हैं और विकास के कामों से इतनी फुर्सत नहीं कि मोदी के आरोपों का जवाब दें.


हालांकि तेजस्वी यादव जबसे विपक्ष के नेता बने हैं, शुरू के एक महीने वे काफ़ी सक्रिय रहे. विधानसभा में विश्वास मत पर उनके भाषण की काफी तारीफ़ हुई थी. उसके बाद पार्टी की रैली के लिए उन्होंने अधिकांश जिलों का दौरा किया. फिर पटना की रैली अब तक की राजद की सबसे संघटित और बिना किसी विवाद के आयोजित की गई. सृजन घोटाले पर सरकार के खिलाफ हालांकि जितना आक्रामक होना चाहिए था, उसका अभाव दिखा. 

तेजस्वी अपने उप मुख्यमंत्री कार्यकाल में जहां अपने बड़े भाई तेजप्रताप यादव से हर मायने में बेहतर साबित हुए, वहीं  फिलहाल कई मामलों में आरोपी बनाए जाने के बाद पूछताछ के लिए एक महीने से अधिक समय से दिल्ली में कैंप कर रहे हैं. उनके पार्टी के समर्थकों को डर है कि कहीं होटल के बदले जमीन वाले मामले में सीबीआई चार्जशीट दायर न कर दे. जिससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. 

वहीं तेजस्वी का बचाव करते हुए राजद के प्रवक्ता मनोज झा कहते हैं कि मोदी का तेजस्वी को बच्चा कहना उनकी ये परेशानी दिखाता है कि उनके पास जवाब नहीं है. झा के अनुसार- तेजस्वी ने हर मौक़े पर साबित किया हैं कि वह अपनी पार्टी और कार्यकर्ताओं की उम्मीद पर खरे उतरे हैं इसलिये हम सुशील मोदी की बातों को ज्यादा अहमियत नहीं देते. मनोज झा का कहना है कि भाजपा के लोगों को परेशानी इस बात को लेकर है कि तेजस्वी यादव सोशल मीडिया पर इतना सक्रिय क्यों हैं.
तेजस्वी जब तक खुद आगे आकर अपनी आलोचना का जवाब नहीं देते उनके विरोधी उन पर हमला करते रहेंगे, लेकिन फ़िलहाल उनका सारा ध्यान अपने खिलाफ लंबित मामलों में जांच एजेंसी का सामना करना और कोर्ट से निर्दोष साबित होना होगा.

ममता बनर्जी को मारने के लिए 65 लाख की सुपारी! जांच में जुटी एजेंसियां

Wednesday, 18 October 2017 11:45

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हत्या करने के लिए 19 साल के एक छात्र को मैसेज मिला है। सोमवार को मिले इस वॉट्सएप संदेश में उसे इस काम के लिए एक लाख डॉलर (65 लाख रुपए) देने की पेशकश की गई। जिस नंबर से उसे यह संदेश भेजा गया है, वह अमेरिका के फ्लोरिडा का बताया जा रहा है। मामले की सूचना पर पश्चिम बंगाल की सीआईडी इस मामले की जांच में जुटी हुई है। मुर्शिदाबाद के बेहरामपुर में रहने वाले छात्र ने इस बाबत कहा, “सोमवार दोपहर एक बजे के आसपास मुझे संदेश मिलने शुरू हुए थे, जिन्हें भेजने वाले ने खुद को लैटिन बताया था। उसने यह भी कहा था कि वह किसी आतंकी संगठन के लिए काम करता है और भारत में साझेदार की तलाश कर रहा है।”

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उस अज्ञात शख्स ने छात्र से कहा, “तुम्हें इस काम में मदद के लिए 65 लाख रुपए दिए जाएंगे। परेशान मत हो, तुम सुरक्षित रहोगे। क्या तुम राजी हो?” दोबारा वह शख्स तकरीबन दो बजकर 46 मिनट पर ऑनलाइन आया और उसने छात्र को लूजर (हारने वाला) कहा। साढ़े तीन बजे उसका फिर संदेश आया, जिसमें उसने कहा कि वह भारत आने की योजना बना रहा है। लेकिन जब छात्र ने जवाब दिया कि वह भारत से प्यार करता है और उसे तबाह होते नहीं देखना चाहता, तो उधर से संदेश में लिख कर आता है, “हम भारत को तबाह नहीं करेंगे। हम तो सिर्फ एक इंसान को मारना चाहते हैं।”

छात्र ने बाद में बताया, “मैंने पुलिस को इस बारे में बताना ठीक समझा। पुलिस थाने जाते वक्त जब मुझे संदेश मिला, तो मैं डर गया था। उसमें लिखा था- थाने के पास तुम्हारी लोकेशन मिली है। क्या तुम थाने जा रहे हो? हम तुम पर नजर रखे हैं, लिहाजा हमें मूर्ख न बनाओ। वरना तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी।” सूचना पर पुलिस ने छात्र को उसका फोन बंद करने के लिए हिदायत दी है। जबकि पश्चिम बंगाल की सीआईडी इस मामले को सुलझाने के लिए जांच-पड़ताल कर रही है। सीआईडी के आईजी अजय रानाडे ने इस बारे में बताया कि वह इस मामले की जांच करेंगे। 

 

नरेंद्र मोदी के मंत्री ने लालू यादव के साथ की गुप्त बैठक, बड़ी डील की तैयारी!

Wednesday, 18 October 2017 11:40

 

किसी ने कहा है कि राजनीति संभावनाओं की कला है। नेताओं और राजनीतिक दलों की इस कला से हम अक्सर परिचित होते रहते हैं। एक बार बिहार में संभावनाओं की कला के दो कलाकार चर्चा में हैं। बिहार के दो राजनीतिक दलों आरजेडी और आरएलएसपी के मुखिया लालू प्रसाद यादव और उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलबाजियों का दौर शुरू हो गया है। आरएलएसपी बीजेपी नीत एनडीए का हिस्सा है। उपेंद्र कुशवाहा नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री हैं। साल 2014 के लोक सभा चुनाव और 2015 के विधान सभा चुनाव  में आरएलएसपी बीजेपी की साझीदार थी। लालू और उपेंद्र ने सोमवार (16 अक्टूबर) को मुलाकात की। आरजेडी के एक नेता ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि दोनों नेताओं ने साल 2019 के लोक सभा चुनाव से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा की। हालांकि किसी भी नेता ने अभी तक इस मुलाकात पर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है।

इसी साल अगस्त में जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने आरजेडी और कांग्रेस से गठबंधन तोड़कर बीजेपी से हाथ मिला लिया था। जबकि 2015 का विधान सभा चुनाव जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस ने मिलकर लड़ा था लेकिन इन दलों का गठबंधन करीब 20 महीने बाद ही टूट गया। बीजेपी को बिहार में अपना पुराना जोड़ीदार भले वापस मिल गया हो लेकिन नीतीश की एनडीए वापसी के साथ ही इससे उपेंद्र कुशवाहा के नाराज होने की चर्चा होने लगी थी। माना जाता है कि उपेंद्र कुशवाहा नीतीश को अपना प्रतिद्वंद्वी मानते हैं और उनके साथ नहीं रहना चाहते।

आरएलएसपी नेता नागमणि ने दो दिन पहले ही ये कहकर बिहार की सियासत में बदलाव के संकेत दिए कि उपेंद्र कुशवाहा को बिहार का अगला मुख्यमंत्री होना चाहिए। माना जा रहा है कि कुशवाहा लालू यादव से मिलकर ऐसी संभावनाओं को टटोल रहे थे। अंदरखाने चर्चा है कि अगर आरजेडी और कांग्रेस कुशवाहा को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार का चुनाव लड़ने को तैयार हो जाएं एनडीए में टूट पड़नी बहुत मुश्किल नहीं होगी।

लोगों को 51 रुपये देकर अपना ऐप डाउनलोड करवा रहा गूगल, और कमाने का भी दे रहा विकल्प

Wednesday, 18 October 2017 11:37

गूगल ने अपना पेमेंट ऐप Google Tez लॉन्च किया था। इस ऐप की खास बात है कि इस ऐप की बहुत आसान शर्तें पूरी करने के बाद गूगल 51 रुपए दे रहा है। इसके अलावा आगे भी कमाने का विकल्प दे रहा है। सबसे पहले तेज ऐप से पैसे कमाने की बात करते हैं। इससे पैसे कमाना बहुत ही आसान है। आप किसी को भो Tez से जुड़ने का इनवाइट कर सकते हैं। उसके पास स्मार्टफोन होना चाहिए। इनवाइट करने के बाद जैसे ही आपके द्वारा दिए गए रेफरल लिंक से वह अपने फोन में तेज ऐप डाउनलोड करने के बाद अपने बैंक अकाउंट से ऐप को लिंक कर लेगा और कोई भी यूपीआई ट्रांजैक्शन पूरी करेगा, इसमें आपको 51 रुपए और आपके द्वारा इनवाइट द्वारा रेफर किए जाने वाले को 51 रुपए मिलेंगे। इसमें एक शर्त है कि आपके मोबाइल में वही नंबर होना चाहिए जो आपने बैंक खाते में दिया हुआ है।

आप किसी एक व्यक्ति को केवल एक ही बार इसके लिए इनवाइट कर सकते हैं। आपके द्वारा इनवाइट किए गए व्यक्ति को केवल एक ही तेज के जरिए पेमेंट करने पर यह ऑफर मिलेगा। आप एक नंबर से ज्यादा से ज्यादा 50 लोगों को रेफर कर सकते हैं।
गूगल तेज दिवाली पर अपने कुछ लकी विनर्स को 1,00,000 रुपए तक ईनाम में देगा। इसके लिए बस अपने गूगल तेज ऐप से किसी को 500 रुपए या उससे ज्यादा भेजते हैं तो आपको 1,00,000 रुपए जीतने का मौका मिल सकता है। यह ऑफर 20 अक्टूबर तक है।

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ट्रंप ने मारे गए सैनिकों पर अपने दावे का बचाव किया

Wednesday, 18 October 2017 11:34

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने उस दावे का बचाव किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके पूर्ववर्तियों ने मारे गए सैनिकों के परिवारों का अच्छी तरह से ध्यान नहीं रखा था। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने ट्रंप के फॉक्स न्यूज रेडियो होस्ट ब्रायन किल्मेयेड के साथ एक साक्षात्कार में बयान के हवाले से कहा, "मेरी जानकारी के मुताबिक अधिकांश रूप से, मुझे लगता है कि मैंने मारे गए सभी सैनिकों के परिवारों को बुलाया हैं और उन्हें बुलाना सबसे मुश्किल काम होता है।"  

ट्रम्प ने व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ जॉन केली की बेटे की मौत के बारे में बात करते हुए कहा, "दूसरे प्रतिनिधियों के बारे में मुझे पता नहीं, मेरा मतलब है कि आप जनरल केली से पूछ सकते हैं कि क्या ओबामा ने उन्हें बुलाया था?"

केली के बेटे, मरीन कोर्पस लेफ्टिनेंट रॉबर्ट केली की 2010 के अंत में अफगानिस्तान में एक बारूदी सुरंग धमाके में मौत हो गई थी। 

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी का कहना कि उस वक्त केली को राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नहीं बुलाया था, लेकिन ओबामा ने मई 2011 में गोल्ड स्टार परिवारों के लिए नाश्ते की मेजबानी की थी, जिसमें केली और उनकी पत्नी ने भी भाग लिया था।

ट्रंप ने कहा, "आप लोगों से पूछ सकते हैं। मैं नहीं जानता ओबामा की नीतियां क्या थीं।"

राष्ट्रपति की यह टिप्पणी व्हाइट हाउस में सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ओबामा समेत उनके बहुत से पूर्ववर्तियों ने मारे गए सेवाकर्मियों के परिवारों से कभी मिलने के लिए नहीं बुलाया। 

गुजरात में भी तैयार हैं बीजेपी के 'पन्ना प्रमुख' यूपी में कारगर साबित हुई थी यह रणनीति

Wednesday, 18 October 2017 08:43

गांधीनगर: गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई है.  16 सालों की सत्ता विरोधी लहर झेल रही बीजेपी के सामने और भी कई चुनौतियां हैं. एक तो पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल हर मंच से बीजेपी के खिलाफ ताल ठोंक रहे हैं. हाल ही में गौरक्षकों के उत्पात से दलित वर्ग भी खासा नाराज है और इसके भी युवा नेता उभर कर सामने आ रहे हैं और सबसे बड़ी बात गुजराती अस्मिता के नाम पर सभी गुजरातियों को एक कर देने का माद्दा रखने वाले नरेंद्र मोदी का चेहरा भी इस बार नहीं है. कांग्रेस इन्हीं के मौके को भुनाना चाहती है. लेकिन कैसे? कांग्रेस की रणनीति तो कहां है? यूपी में बीजेपी के प्रचंड बहुमत दिलाने वाले 'पन्ना प्रमुखों' की तैनाती यहां भी होगी. कांग्रेस इस बीजेपी की इस रणनीति का सामना कैसे करेगी?

कौन हैं यह 'पन्ना प्रमुख' : आम तौर पर सभी पार्टियां की रणनीति बूथ स्तर तक होती है. हर बूथ के लिए 3 से 4 कार्यकर्ता तैनात किए जाते हैं और इनका एक प्रमुख होता है जिसमें उनकी जिम्मेदारी होती है कि वह अपने बूथ में आने वाले सभी लोगों को वोट पार्टी के पक्ष में कर सकें. लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी रणनीति बदल कर माइक्रो मैनेजमेंट पर काम किया और उसने बूथ प्रमुख की बजाए पन्ना प्रमुख बनाने का फैसला किया. इसमें एक गांव की वोटर लिस्ट के एक पन्ने को हर कार्यकर्ता को दी गई और कहा गया कि इस पन्ने में आने वाले सभी वोटरों को वोट दिलाने की जिम्मेदारी उसकी है. मतलब हर कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दे दी गई और उस पन्ने में आने वाले सभी वोटरों को प्रतीकात्मक तौर पर उस कार्यकर्ता को नेता बना दिया गया. पूरे चुनाव में कार्यकर्ता अपना पन्ना लेकर घर-घर घूम  पार्टी की नीतियों का प्रचार करते रहे. अभी तक सभी पार्टियां बूथ प्रमुख बनाने की रणनीति पर ही काम करती हैं लेकिन इसमें कई बार बूथ प्रमुखों और उसके अंतर्गत कार्यकर्ताओं में ही मतभेद हो जाते हैं इसका नुकसान वोटिंग वाले दिन उठाना पड़ता है.

गुजरात में भी तैयार हैं पन्ना प्रमुख : गुजरात में 50128 पोलिंग बूथ हैं. एक बूथ पर बीजेपी के 15 से 20 पन्ना प्रमुख पन्ना तैनात किए जाएंगे. इस हिसाब से करीब 7 लाख पन्ना प्रमुख तैनात किए जाएंगे. हर पन्ना प्रमुख को लगभग 40 से 48 वोटरों की सूची दी जाती है. आपको बता दें कि 2012 से ही बीजेपी गुजरात में पन्ना प्रमुख को तैयार करने का काम रही है जो यहां पर पार्टी की नीतियों के प्रचार के साथ-साथ इन वोटरों को पोलिंग बूथ तक ले जाने का काम करेंगे.

दूसरी पार्टियों के पास नहीं है इतना बड़ा ढांचा : यह बात किसी से छिपी नहीं है कि गुजरात में संगठन को लेकर बीजेपी के आगे कोई भी पार्टी नहीं ठहरती है लेकिन अगर विधानसभा चुनाव जीतना है तो कांग्रेस को बीजेपी की इस चक्रव्यूह के खिलाफ रणनीति बनानी ही होगी. हालांकि राहुल गांधी गुजरात में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए युद्ध स्तर पर कर रहे हैं इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है लेकिन अभी पार्टी को बहुत मेहनत करना है. 

ब्राजील में ग्रीनपीस विमान दुर्घटनाग्रस्त, 1 की मौत

Wednesday, 18 October 2017 08:41

ब्राजील के अमेजन क्षेत्र में पर्यावरण पर काम करने वाली वैश्विक संस्था-ग्रीनपीस का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। ग्रीनपीस के प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।

समाचार एजेंसी एफे ने प्रवक्ता के हवाले से लिखा है, "हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि विमान पर पांच लोग सवार थे। इनमें से एक की मौत हो गई है जबकि चार लोग जख्मी हैं। हालांकि इनकी चोट गम्भीर नहीं है।"

सेसना कारावान 208 एम्फीबियन मॉडल विमान मंगलवार को अमेजन क्षेत्र में स्थित ब्राजील के उत्तरी राज्य रियो नेग्रो में लैंडिंग के वक्त एक नदी में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

चार लोग तो तैरकर निकल गए लेकिन एक व्यक्ति डूब गया।

ब्राजीली एअरफोर्स ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है।

गैलेक्सी की दीपावली ने खोला ये राज़, करोड़ों साल पहले डेड स्टार की टक्कर से पैदा हुआ सोना

Wednesday, 18 October 2017 08:39

देश में दीपावली से पहले दुनियाभर में एक दूसरी दीपावली की चर्चा हो रही है. ये है धरती से लाखों कोस दूर गैलेक्सी की दीपावली. आज से करोड़ों साल पहले गैलेक्सी में हुई अतिशबाज़ी का नज़ारा दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने पहली बार देखा. असल में ये घटना करोड़ों साल पहले हुई पर प्रकाश को दुनियाभर की दूरबीनों तक पहुंचने में इतने साल लग गए. इस अतिशबाज़ी में आम लोगों के लिए दिलचस्पी की बात ये है कि आज जो सोना और प्लैटिनम आप इस्तेमाल करते हैं वो भी इतिहास में किसी इसी तरफ के टक्कर से बना है.

इस घटना के वैज्ञानिक अहमियत को लेकर हमारे संवाददाता एम. अतहरउद्दीन मुन्ने भारती ने बात की कॉस्मोलॉजिस्ट और इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स में प्रोफेसर तरुण सौरादीप से.
 

dead stars

 
प्रश्न: डेड स्टार्स की टक्कर का क्या मतलब है? ये खोज़ का अंतरिक्ष विज्ञान के लिहाज़ से कितनी अहम है?
उत्तर: असल में डेड स्टार्स यानी मृत तारे का मतलब है वैसे तारे जिनकी रोशनी खत्म हो गई हो. इस तरह के दो तारे आपस में टकराये और उससे जो प्रकाश और आवाज पैदा हुई उसे दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने देखा. वैसे तो क़िलानोवा नाम से जाने जाने वाली इस घटना से पैदा हुई ग्रेविटेशनल वेव्स और रोशनी को अगस्त में वैज्ञानिकों ने इसे देखा था. पर आपस में इस पर चर्चा के बाद इसे अब दुनिया के सामने रखा गया. इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं और एलट्रोमग्नेटिक रेडिशन के जरिये वैज्ञानिकों को इसके सबूत भी मिलते रहे हैं. पर अल्ट्रा मेग्नेटिक रेडिशन, प्रकाश और ध्वनि सब कुछ इतनी स्पष्टता से और एकसाथ पहली बार देखने को मिले हैं. कोई ३ साल पहले भी इससे मिलती जुलती तस्वीर सामने आई थी. इस खोज के बाद हमारी कई थ्योरी  वैलिडेट भी हो गई है यानी जो बात अभी तक सिद्धातं रूप से साबित माने जाते थे अब पहली बार हमारे पास एक उदाहरण मौजूद है.   
 
प्रश्न: इस टक्कर से ही सोने और प्लैटिनम बना होगा, क्या आज धरती पर जो सोना है उसका इससे कोई लेना देना है? 
उत्तर: आज जो सोना और प्लैटिनम धरती पर मौजूद है वो निश्चित रूप से इसी तरह की किसी टक्कर का परिणाम है. गैलेक्सी में कभी करोड़ों साल पहले इसी तरफ की टक्कर हुई होगी जिससे सोने और प्लेटिनम जैसे धातु बने होंगे. यानी आप अपनी खूबसूरत सोने अंगूठी और प्लैटिनम की हार में इस्तेमाल धातु के करोड़ों सालों के इतिहास की कल्पना कर सकते हैं.  
   
प्रश्न: इस तरह की टक्करों को लेकर ये बातें भी होती रही है कि इससे दुनिया ख़त्म हो सकती है, कितनी सच्चाई है?
उत्तर: ये बात पूरी तरफ से बेबुनियाद तो नहीं है, यूं तो उल्का पिंड का गिरना कोई असामान्य बात नहीं है और अगर कोई बड़ा उल्का पिंड पृथ्वी पर गिरता है तो उससे धरती पर जीवन को खतरा हो सकता है. पर इस तरह की घटना बहुत ही असामान्य है.
    
प्रश्न: बताया जा रहा है कि भारत के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने भी इस खोज़ में अपनी अहम् भूमिका निभाई है?
उत्तर: इस पूरी खोज में दुनियाभर के 70 देशों के करीब साढ़े तीन हज़ार वैज्ञानिक शामिल हैं जिसमें भारत की 13 संस्थाओं के करीब पचास वैज्ञानिक हैं. इसरो के उपग्रह एस्ट्रोसैट ने भी इस घटना को रिकॉर्ड किया है. इसके अलावा लेह स्थित हिमालयन चंद्रा टेलिस्कोप और पुणे स्थित जायंट मेटरेवावे रेडियो टेलिस्कोप (GMRT) ने भी इस टक्कर को रिकॉर्ड किया है. इस तरह की घटनाओं को और भी ज्यादा सूक्ष्मता से रिकॉर्ड करने के लिए भारत में भी लाइगो डिटेक्टर लगाए जाने की तैयारी है.
 

राम मंदिर या इतिहास के मुद्दों से आगे बढ़ना चाहिए, राष्ट्रीय इनोवेशन परिषद बंद होने से निराश हूं : सैम पित्रोदा

Wednesday, 18 October 2017 08:29

 दूरसंचार क्षेत्र  के  उद्यमी सैम पित्रौदा ने आज कहा कि वह राष्ट्रीय नवप्रवर्तन(इनोवेशन) परिषद को बंद करने के केंद्र के फैसले से निराश हैं. उन्होंने कहा कि ज्यादा रोजगार सृजित करने में इनोवेशन का महत्व समझने के लिए सरकार में ‘मेधा’ का अभाव है. गुजरात वाणिज्य एवं उद्योग मंडल में इनोवेशन पर भाषण देते हुए पित्रौदा ने यह भी कहा कि लोगों को राम मंदिर या इतिहास जैसे मुद्दों से आगे बढ़ना चाहिए.

उन्होंने कहा, 'नवप्रवर्तन' एक मंच है. आपको सरकार, न्यायपालिका, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रक्रियाओं में इनोवेशन की जरूरत होती है. लेकिन जब मैं भारत में बहस देखता हूं तो यह हमेशा राम मंदिर या इतिहास के बारे में होती है. हर व्यक्ति अतीत की बात करता है. हमें बस अतीत से चिपके रहना पसंद है. :जबकि: हमें आगे बढ़ने की जरूरत है.'

उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय इनोवेशन परिषद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा एक बहुत बड़ा कदम था. लेकिन इस सरकार ने इसे बंद कर दिया. मैंने सरकार से ऐसा नहीं करने की अपील की लेकिन आखिरकार इसे बंद कर दिया. मुझे निराशा हुई क्योंकि हमें अधिक रोजगार के लिए इनोवेशन की जरूरत है.' 
आपको बता दें कि सैम पित्रोदा का पूरा नाम सत्यनारायण गंगाराम पित्रोदा है. उन्हें भारत में सूचना क्रांति का जनक मान जाता है. वह यूपीए सरकार के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री सैम पित्रोदा के जन सूचना संरचना और नवप्रवर्तन सलाहकार रह चुके हैं.  साल 2005 से 2009 तक सैम पित्रोदा भारतीय ज्ञान आयोग के चेयरमैन थे. 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के आमंत्रण पर उन्होंने दूरसंचार के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए सी-डॉट यानि 'सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टेलिमैटिक्स' की स्थापना की थी. उनकी क्षमता से प्रभावित होकर राजीव गांधी ने उन्हें घरेलू और विदेशी दूरसंचार नीति को दिशा देने का काम किया.

जब योगी आदित्यनाथ बोले थे- जरूरी हुआ तो ताजमहल का नाम राम महल भी कर सकते हैं

Wednesday, 18 October 2017 08:13

ताजमहल पिछले कुछ दिनों से खबरों के केंद्र में है। दो दिन पहले बीजेपी विधायक संगत सोम द्वारा ताजमहल को लेकर दिए गए अक्रामक बयान के बाद ताजमहल ही खबरों में छाया हुआ है। हर पार्टी इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रही है। हालांकि ये पहली बार नहीं है जब उत्तर प्रदेश में बीजेपी के किसी नेता ने ताजमहल को लेकर इस तरह का बयान दिया हो। करीब 8 महीने पहले उत्तर प्रदेश चुनाव के समय भी एक टीवी शो पर चर्चा करते हुए योगी आदित्यनाथ ने भी ताजमहल का नाम बदले की बात कही थी। हालांकि तब वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं बने थे। उन्होंने गोरखपुर में मोहल्लों के नाम बदलने पर जवाब देते हुए कहा था कि, “हमने किया है हुमायूंपुर को हनुमानपुर किया है। और भी करेंगे जो हमारे अनुकुल होगा वो करेंगे। इसके बाद योगी ने कहा कि अगर किसी विदेशी आक्रांता के द्वारा कोई ऐसा काम किया है तो ऐसा किया जाना चाहिए। इसके बाद जब पत्रकार ने उनसे कहा कि फिर आप ताजमहल को राम महल भी कर सकते हैं तो योगी बोले की क्यों नहीं करेंगे। आवश्यकता होगी तो जरूर करेंगे।

क्या कहा था संगीत सोम ने

बहुत-से लोग इस बात से चिंतित हैं कि ताजमहल को यूपी टूरिज़्म बुकलेट में से ऐतिहासिक स्थानों की सूची से हटा दिया गया… किस इतिहास की बात कर रहे हैं हम…? जिस शख्स (शाहजहां) ने ताजमहल बनवाया था, उसने अपने पिता को कैद कर लिया था… वह हिन्दुओं का कत्लेआम करना चाहता था… अगर यही इतिहास है, तो यह बहुत दुःखद है, और हम इतिहास बदल डालेंगे… मैं आपको गारंटी देता हूं…” संगीत सोम ने मुगल बादशाहों बाबर, औरंगज़ेब और अकबर को ‘गद्दार’ कहा, और दावा किया कि उनके नाम इतिहास से मिटा दिए जाएंगे।

हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर यू टर्न लेते हुए ताजमहल को एतिहासिक धरोहर बताया है। मंगलवार को उन्होंने इस मुदेदे पर बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मायने नहीं रखता कि ताजमहल को किसने और क्यों बनवाया। ताजमहल एक ऐतिहासिक धरोहर है। भाजपा नेता संगीत सोम के ताजमहल पर दिए गए विवादास्पद बयान के बाद मुख्यमंत्री योगी की यह टिप्पणी आई है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में कहा, ‘यह मायने नहीं रखता कि ताज महल को किसने और क्यों बनवाया। यह भारत माता के सपूतों के खून पसीने से बना है। यह पूरी दुनिया में अपने वास्तु के लिए मशहूर है। यह एक ऐतिहासिक धरोहर है और हमारे लिए बेहद महत्त्वपूर्ण है। खासतौर पर पर्यटन की दृष्टि से यह हमारी प्राथमिकता में है और पर्यटकों को सुविधाएं व सुरक्षा मुहैया कराना हमारी जिम्मेदारी है।’

जय शाह को 'सरकारी कानूनी मदद' मिलने पर राहुल गांधी का तंज, कहा-'व्हाइ दिस कोलावेरी डा?'

Wednesday, 18 October 2017 08:11

नई दिल्ली:  कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को विवाद में फंसे 'अमित शाह के बेटे जय शाह को एक समाचार पोर्टल से लड़ाई में 'सरकारी कानूनी मदद' दिए जाने को लेकर भाजपा पर तंज कसा. राहुल ने एक तमिल फिल्म के गाने 'कोलावेरी डी' के बोल को थोड़ा बदलते हुए ट्वीट किया, 'शाह-जादा को सरकारी कानूनी मदद! 'व्हाइ दिस, व्हाइ दिस कोलावेरी डा?'.तमिल फिल्म 'थ्री' का गीत 'व्हाइ दिस कोलावेरी डी' तमिल और अंग्रेजी का मिश्रण है, जिसे अनिरुद्ध रविचंद्रन ने लिखा है और इस धनुष ने गाया है. इसका अर्थ है 'ऐ लड़की, मुझ पर यह कातिल गुस्सा क्यों?' 


राहुल ने इस ट्वीट के जरिए जय शाह का मुद्दा उठाए जाने पर भाजपा के गुस्से को रेखांकित किया है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने इस ट्वीट के साथ वेब पोर्टल 'द वायर' की ओर से प्रेस को जारी एक बयान को संलग्न किया. इसका शीर्षक है, 'जय अमित शाह का 'द वायर' का मुंह बंद करने प्रयास'. राहुल ने भाजपा पर यह हमला ठीक इसी दिन बोला है, जब भाजपा ने कांग्रेस से पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और हथियारों के सौदागर संजय भंडारी के बीच संबंध पर स्पष्टीकरण मांगा.

कांग्रेस इससे पहले यह मुद्दा उठा चुकी है कि जय शाह की कंपनी का करोबार एक साल में 50,000 रुपये से बढ़कर 80 करोड़ रुपये तक कैसे पहुंच गया. पार्टी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठा चुकी है और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों से इस मामले की जांच की मांग कर चुकी है. भाजपा ने आरोप को खारिज किया है और कहा है कि जय शाह का कारोबार पूरी तरह वैध है. पार्टी ने कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज किया है कि भाजपा घोर पूंजीवाद को बढ़ावा दे रही है.

Bigg Boss 11: बिग बॉस का लग्जरी टास्क ‘जो मुड़ गया, वो उड़ गया’

Wednesday, 18 October 2017 08:08

बिग बॉस-11 के मंगलवार के एपिसोड में लड़ाई-झगड़े के साथ रूठने-मनाने का दौर चला. फिर आया लग्ज़री बजट टास्क और दिन ख़त्म होते-होते एक सदस्य को मिली ‘कालकोठरी’ की सज़ा और बना नया कैप्टन. ‘बिग बॉस’ हाउस के दिन की शुरुआत गर्माहट के साथ हुई. सबसे पहले आकाश ददलानी और बनाफ्शा सूनावाला के बीच नोक-झोंक नज़र आई. दरअसल, आकाश ने बनाफ्शा को कहा कि वो कामचोर है.  
इसके बाद बनाफ्शा पूरे दिन झाड़ू लेकर सफाई करती और ख़ुद को ‘झाड़ू क्वीन’ कहती नज़र आई. साथ ही आकाश पर ताना कसते हुए कहा कि आप तो मेरे ‘सर’ हैं, जो भी आप कहेंगे वो ही मैं करूंगी.
 
वहीं घर के ‘लव बर्ड्स’ पुनीश और बंदगी के बीच प्यार-तकरार का दौर देखने को मिला. पुनीश से किसी बात से खफ़ा बंदगी खाना नहीं खा रही थी. उसके बाद पुनीश उसको अपने हाथों से खाना खिलाते दिखे.

फिर घर में मौजूद दो दुश्मनों के बीच भी मीठे पल नजर आए. विकास गुप्ता ने शिल्पा शिंदे से मांगी माफी. उन्होंने अपनी ग़लती मानते हुए कहा कि ‘बिग बॉस’ के घर में जो उन्होंने किया वो अच्छा नहीं था. इसके बाद नाराज शिल्पा को गले भी लगाया.

‘बिग बॉस’ ने घरवालों को लग्ज़री बजट टास्क दिया, ‘जो मुड़ गया, वो उड़ गया’ नाम के इस टास्क में घर वालों को दो टीमों में बांटा गया. विकास और पुनीश अलग-अलग टीम के कैप्टन बने और उनको संचालक की भूमिका भी दी गई. हालांकि, टास्क शुरू होने से पहले भी दोनों के बीच हल्की बहस हुई थी, लेकिन शाम को लग्ज़री बजट टास्क के दौरान घर के बाकी सदस्यों के बीच भी गर्माहट भी देखने को मिली.

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