निर्वाचन आयोग ने किया राज्यसभा की 58 सीटों के लिए चुनाव का ऐलान

Friday, 23 February 2018 20:39

निर्वाचन आयोग ने 58 सीटों के लिए राज्यसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया. आगामी अप्रैल और मई माह में रिक्त हो रही राज्यसभा की 58 सीटों के लिये 23 मार्च को द्विवार्षिक चुनाव होगा. निवार्चन आयोग ने शुक्रवार को इन सीटों का चुनाव कार्यक्रम घोषित करते हुए यह जानकारी दी. 

चुनाव आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार संसद के उच्च सदन की 16 राज्यों में खाली हो रही 58 सीटों के लिये निर्वाचन प्रक्रिया पांच मार्च को चुनाव अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू होगी. इन सीटों पर चुनाव के लिये 23 मार्च को मतदान कराया जायेगा और उसी दिन मतगणना भी होगी.

इसी के साथ केरल से राज्यसभा की एक सीट के लिये उपचुनाव भी होगा। यह सीट जदयू सदस्य एम पी वीरेन्द्र कुमार के गत वर्ष 20 दिसंबर को इस्तीफे के कारण रिक्त हुयी थी. आयोग द्वारा प्राप्त जानकारी के मुताबिक 13 राज्यों से 50 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल आगामी दो अप्रैल को, दो राज्यों (उड़ीसा और राजस्थान) से छह राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल तीन अप्रैल और झारखंड से दो सदस्यों का कार्यकाल तीन मई को समाप्त हो रहा है. इनमें उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक 10 सदस्यों का कार्यकाल दो अप्रैल को खत्म हो रहा है. वहीं महाराष्ट्र और बिहार से छह-छह, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच तथा गुजरात और कर्नाटक से चार चार सदस्यों का कार्यकाल इसी दिन पूरा होगा.

चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक नामांकन की अंतिम तिथि 12 मार्च तय की गयी है. वहीं, नामांकन पत्रों की जांच 13 मार्च को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 15 मार्च है. मतदान 23 मार्च को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा और शाम पांच बजे मतगणना होगी.

आयोग ने स्पष्ट किया मतपत्रों के माध्यम से होने वाले मतदान के दौरान मतदाताओं को निर्वाचन केन्द्र पर मौजूद निर्वाचन अधिकारी द्वारा खास पेन मुहैया कराया जायेगा. मतदाता सिर्फ इसी पेन से अपनी पसंद के उम्मीदवार को मत दे सकेंगे। किसी अन्य पेन के इस्तेमाल वाले मतपत्र को अमान्य श्रेणी में रखा जायेगा. 

IRCTC होली स्पेशल ट्रेन: पटना, मुंबई, दिल्ली, रांची के अलावा यहां से चलेंगी स्पेशल ट्रेन

Friday, 23 February 2018 20:37

होली आने वाली है इसके अलावा गर्मियों की छुट्टियां भी आने वाली हैं। इसे देखते हुए रेलवे भी खास इंतजाम करने में लगा है। जनता की सुविधा के लिए रेलवे ने इसके लिए कुछ खास ट्रेने चलाई हैं। सबसे पहले नॉर्दन रेलवे की बात करते हैं। नॉर्दन रेलवे ने रामनगर हावड़ा स्पेशल 05007/05008 ट्रेन चलाई है। इसमें 6 स्लीपर कोच हैं। यह रामनगर से हावड़ा के लिए शुक्रवार को सुबह 6.15 पर चलेगी। यह 9 मार्च तक चलेगी। वहीं हावड़ा से रामनगर के लिए रविवार को सुबह 8.35 पर चलेगी। यह 11 मार्च तक चलेगी।

 गोरखपुर-मुंबई स्पेशल 02597/02598 ट्रेन: यह ट्रेन गोरखपुर से हर शनिवार सुबह 8.25 पर चलेगी। यह ट्रेन 10 मार्च तक चलेगी। वहीं मुंबई से गोरखपुर के लिए यह ट्रेन रविवार को दोपहर 2.20 पर चलेगी। यह ट्रेन 11 मार्च तक चलेगी।

– मुंबई जम्मू तवी स्पेशल 02071/02072 ट्रेन: यह एसी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 2 मार्च को सुबह 6:45 बजे मुंबई से चलेगी। यह 4 मार्च को जम्मू तवी से 7:25 बजे मुंबई जाएगी।

– रांची-आनंद विहार 08617/08618 ट्रेन: यह ट्रेन 10 मार्च तक हर शनिवार को दोपहर 2.05 बजे रांची से आनंद विहार जाएगी। वहीं यह ट्रेन 11 मार्च तक आनंद विहार से रांची के लिए हर रविवार रात 10.50 बजे जाएगी।

 

– लोकमान्य तिलक टर्मिनस-बरौनी स्पेशल 05539/05540 ट्रेन: यह ट्रेन 8 मार्च से 29 मार्च तक हर गुरुवार दोपहर 2:20 बजे बरौनी के लिए जाएगी। वहीं 6 मार्च से 27 मार्च तक बरौनी से लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए हर मंगलवार 5:15 बजे जाएगी।

– रक्सौल-हैदराबाद स्पेशल 07005/07006 ट्रेन: हैदराबाद-रक्सौल स्पेशल ट्रेन 5 अप्रैल से 28 जून तक हर गुरुवार को हैदराबाद से रात 09:30 बजे चलेगी। वहीं 8 अप्रैल से 1 जुलाई तक हर रविवार को रक्सौल से रात 01:30 बजे चलेगी।

– 08621 रांची-पटना होली स्पेशल: 28 फरवरी बुधवार को रांची से रात 11.15 बजे चलेगी। वहीं वापसी में 08622 पटना-रांची होली स्पेशल 1 मार्च गुरुवार को पटना से सुबह 10.15 बजे चलेगी।

– 03561 आसनसोल-पटना होली स्पेशल: आसनसोल से 24 व 25 फरवरी और 3 व 4 मार्च को सुबह 7.15 बजे चलेगी। वहीं वापसी में 03562 पटना-आसनसोल होली स्पेशल पटना से 24 व 25 फरवरी और 3 व 4 मार्च को पटना से 3.15 बजे चलेगी।

– 01657 हबीबगंज-पटना सुपर फास्ट होली स्पेशल: 28 फरवरी को हबीबगंज से शाम 4.30 बजे चलेगी। वापसी में 01658 ट्रेन 1 मार्च को पटना से 1 बजे चलेगी।

– 03041 हावड़ा-रक्सौल होली स्पेशल ट्रेन: हावड़ा से 25 फरवरी को रात 10.50 बजे चलेगी। वहीं वापसी में 03042 रक्सौल-हावड़ा होली स्पेशल रक्सौल से 26 फरवरी को शाम 7.45 बजे चलेगी।

 ऊपर दी गई ट्रेनों के अलावा 03135/03136 कोलकाता-छपरा-आसनसोल स्पेशल, 03031/03032 हावड़ा-गोरखपुर-हावड़ा स्पेशल, 08181/08182 टाटा-छपरा-टाटा होली स्पेशल, 08021/08022 संतरागाछी-दरभंगा-संतरागाछी स्पेशल और 03429/03440 मालदा टाउन-आनंद विहार-मालदा टाउन होली स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी।

सलमान खान को हर कोई क्‍यों कहता है ‘भाई’, खुद सुपरस्‍टार ने खोला राज

Friday, 23 February 2018 20:35

सलमान खान का नाम बॉलीवुड के ऐसे एक्टर्स में शुमार है कि फैंस उनकी लाइफ से जुड़ी ज्यादा से ज्यादा बातें जानना चाहते हैं। हाल ही में सलमान खान ने मीडियाकर्मियों से बातचीत कर अपनी पर्सनल जिंदगी से जुड़ी कई बातें शेयर कीं। मीडिया से बातचीत में के दौरान सलमान खान ने अपनी मुस्कान ने सभी का दिल जीत लिया। प्रेस काफ्रेंस के दौरान सलमान खान फनकी लुक में नजर आएं। एक्टर सलमान खान ने बीइंग ह्यूमन की टी-शर्ट, ब्लैक कलर की जींस और जैकेट पहनी हुई थी। सलमान खान को बॉलीवुड में ‘भाई’ के नाम से भी बुलाया जाता है। सलमान खान ने बातचीत में ‘भाई’ बुलाए जाने का राज भी खोला।

सलमान खान ने बताया, मेरा छोटा भाई सोहेल खान मुझे ‘भाई’ कहकर बुलाता है और यहां तक की उसके दोस्त भी ‘भाई’ कहकर ही बुलाते हैं। यहां तक की अब सीनियर्स भी उन्हें भाई कहकर ही पुकारते हैं। इसके साथ ही सलमान ने अपने निक नेम सल्लू के बारे में बताया। सलमान ने कहा, भाई नाम से पुकारे जाने से पहले लोग उन्हें ‘सल्लू’ कह कर पुकारते थे तो इस तरह से सलमान के बाद ‘सल्लू’ फिर ‘सल्लू’ से ‘भाई’ तक का सफर रहा। वीडियो को यू-ट्यूब चैनल बॉलीवुड हंगाना ने शेयर किया है।

 

सलमान खान से इंटरव्यू या टॉक शोज में सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल है उनकी शादी से जुड़ा हुआ है। जब सलमान ने शादी को लेकर सवाल किया जाता है तो सलमान खान इस बात से भी पर्दा हटाते हैं कि वह शादी क्यों नहीं कर रहे हैं। सलमान खान ने शादी न करने का कारण बताते हुए कहा, ”शादी एक बहुत बड़ी बात है। आपको किसी से शादी करने के लिए लाखों या फिर करोड़ों खर्च करने पड़ते हैं और मैं यह अफोर्ड नहीं कर सकता।”इतना ही नहीं सलमान खान ने अपने पिता सलीम की बात करते हुए कहा कि उन्होंने तो 180 रुपए में शादी की थी और हम पांच भाई बहनों को भी अच्छे से मैनेज किया।

भारत ने किया धनुष बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण

Friday, 23 February 2018 20:34

भारत ने शुक्रवार को ओड़िशा तट के पास एक नौसैनिक पोत से परमाणु क्षमता युक्त धनुष बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस मिसाइल की मारक क्षमता 350 किलोमीटर है। अधिकारियों ने बताया कि सतह से सतह पर मार करने वाली इस मिसाइल का परीक्षण सुबह करीब 10:52 बजे बंगाल की खाड़ी में पारादीप के पास तैनात पोत से किया गया। सूत्रों ने बताया कि धनुष मिसाइल 500 किलोग्राम पेलोड साथ लेकर जाने और जमीन एवं समुद्र में अपने लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है। रक्षा बलों के सामरिक बल कमान (एसएफसी) ने इसके परीक्षण को अंजाम दिया। एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय नौसेना की एसएफसी की ओर से प्रशिक्षण अभ्यास के तहत मिसाइल प्रक्षेपण किया गया।

मिसाइल परीक्षण को पूरी तरह सफल करार देते हुए अधिकारियों ने कहा कि परीक्षण के दौरान मिशन के सभी उद्देश्य पूरे हुए। उन्होंने कहा कि मिसाइल परीक्षण एवं इसकी उड़ान के प्रदर्शन की निगरानी ओड़िशा तट में रेडार सुविधाओं और डीआरडीओ की टेलीमेट्री (दूरमापी) से की गई। एक चरण वाला और द्रव्य से प्रणोदित धनुष को रक्षा सेवाओं में पहले ही शामिल किया जा चुका है। यह एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (आईजीएमडीपी) के तहत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से विकसित पांच मिसाइलों में से एक है। सूत्रों ने बताया कि पिछला सफल परीक्षण नौ अप्रैल 2015 को हुआ था।

उल्लेखनीय है कि भारत ने इससे पहले बुधवार को देश में निर्मित एवं परमाणु आयुध ले जाने में सक्षम तथा 350 किलोमीटर की दूरी तक मार करने वाली पृथ्वी-2 मिसाइल का ओडिशा के एक परीक्षण केंद्र से सफल रात्रि परीक्षण किया था। रक्षा सूत्रों ने बताया था कि सेना द्वारा प्रायोगिक परीक्षण के तौर पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल को रात करीब साढ़े आठ बजे चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) के प्रक्षेपण परिसर-3 से दागा गया।
इस सटीक परीक्षण से पहले 18 जनवरी को अग्नि-5, छह फरवरी को अग्नि-1 और कल अग्नि-2 का ओडिशा अपतटीय क्षेत्र स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से सफल परीक्षण किया गया था।

भारत से सटी सीमा पर चीन का बड़ा कदम

Friday, 23 February 2018 20:31

चीन ने भविष्य की सूचना प्रौद्योगिकी आधारित लड़ाई की तैयारी के वास्ते भारत से लगी सीमा पर तैनात पीएलए की एक शाखा को अमेरिकी शैली वाली समेकित व्यक्तिगत सैनिक लड़ाकू प्रणाली से लैस किया है। मीडिया की खबरों में ऐसा कहा गया है। हाल के वर्षों में चीन सेना युद्ध के मैदान में आईटी, डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलीजेस ऐप्लिकेशंस के इस्तेमाल के लिए ‘सूचना प्रौद्योगिकी आधारित युद्ध’ शब्द का इस्तेमाल करने लगी है। चाइना सेंट्रल टेलीविजन (सीसीटीवी) से संबद्ध शाखा वीहुटांग ने खबर दी है कि वेस्टर्न थियेटर कमान में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के स्पेशल आॅपरेशन फोर्सेज के स्काई वुल्फ कमांडो को उनके प्रशिक्षण में क्यूटीएस-11 सिस्टम से लैस किया गया है। वेस्टर्न थियेटर कमान भारत से लगती 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा की जिम्मेदारी संभालती है।

चीनी विशेषज्ञों के अनुसार क्यूटीएस-11 अमेरिकी सैनिकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली प्रणाली की तरह है। चीनी सैन्य विशेषज्ञ सोंग जोंगपिंग ने सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स से कहा कि दुनिया में सबसे मजबूत व्यक्तिगत आग्नेयास्त्र बताए जाने वाला क्यूटीएस-11 न केवल आग्नेयास्त्र पर काबू पा लेता है बल्कि यह खोज एवं संवाद सुविधाओं से लैस पूर्ण डिजिटलीकृत समेकित व्यक्तिगत सैनिक लड़ाकू प्रणाली है। राइफल और 20 मिलीमीटर ग्रेनेड लांचर वाली यह प्रणाली लक्ष्य के अंदर के सैन्यकर्मियों को नष्ट करने में सक्षम है।

सोंग ने कहा कि अमेरिका और चीन की यह प्रणाली एक जैसी है लेकिन तुलनीय नहीं है। स्पेशल आॅपरेशन फोर्स इस प्रणाली को परखने वाली पहली सैन्य इकाई है। बाद में उसे अन्य इकाइयों में ले जाया जाएगा। भारत के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा पर इस नई प्रणाली की तैनाती की सरकारी मीडिया की घोषणा से कुछ दिन पहले वहां वायुरक्षा पांत समुन्नत करने की खबर आई थी। इसे यहां सैन्य पर्यवेक्षक पीएलए द्वारा मनोवैज्ञानिक युद्ध अख्तियार करने के रूप में देखते हैं।

 

ग्लोबल टाइम्स ने पहले एक विशेषज्ञ के हवाले से खबर दी थी कि एलएसी पर जे-10 और जे-11 जैसे लड़ाकू विमानों की तैनाती का लक्ष्य भारत द्वारा नए लड़ाकू विमान की खरीद के आलोक में उससे उत्पन्न खतरे से निबटने पर लक्षित है। यह संभवत: भारत के राफेल विमानों की खरीद के संदर्भ में था। चीनी सेना ने 73 दिनों तक चले डोकलाम गतिरोध के दौरान मीडिया में जोर-शोर से अपना प्रचार अभियान चलाया था।

 

भारत तीसरा सबसे बड़ा पर्यटक बाजार : सिंगापुर

Friday, 23 February 2018 20:30

सिंगापुर पर्यटन बोर्ड (एसटीबी) ने शुक्रवार को कहा कि भारत देश के तीसरे सबसे बड़े पर्यटक आगमन (वीए) स्रोत बाजार के रूप में उभरा है, जिसकी विकास दर उच्चतम 16 फीसदी है। बोर्ड ने एक बयान में कहा, "एसटीबी ने घोषणा की है कि सिंगापुर के लिए पहली बार भारत वीए स्रोत बाजार के रूप में चौथे से तीसरे स्थान पर (मलेशिया से आगे और चीन और इंडोनेशिया से पीछे) आ गया है।"

बयान के मुताबिक, भारत से सिंगापुर जानेवाले वीए ने तीसरी बार 10 लाख का आंकड़ा पार कर लिया है और कहा है कि यह भारतीय पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। 

सिंगापुर के लिए मुंबई, चेन्नई, दिल्ली और बेंगलुरू शीर्ष वीए स्रोत शहर बने हुए हैं। एसटीबी द्वारा अहमदाबाद, कोयंबटूर, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता और पुणे में पर्यटकों को लुभाने के लिए किए गए प्रयासों का नतीजा है कि यहां से आनेवाले पर्यटकों की संख्या में दोहरे अंकों में वृद्धि दर देखी जा रही है।

वहीं, सिंगापुर के क्रूज खंड में भी भारत शीर्ष स्रोत बाजार है और साल 2017 में कुल 1,27,000 भारतीय पर्यटकों ने सिंगापुर के समुद्र में क्रूज पर्यटन का आनंद उठाया, जो साल 2016 की तुलना में 25 फीसदी की वृद्धि दर है।

एसटीबी के क्षेत्रीय निदेशक (एमएएमईए) जी.बी. श्रीथर ने कहा, "भारत से बाहर के देशों में घूमनेवाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है, हम सिंगापुर में भारतीय पर्यटकों के एक और सफल साल की उम्मीद करते हैं।"

नीतीश जापान से पटना लौटे, गाजे-बाजे से स्वागत

Friday, 23 February 2018 20:30

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जापान की चार दिवसीय यात्रा के बाद शुक्रवार को पटना लौट आए। पटना हवाईअड़्डे पर जनता दल (युनाइटेड) की तरफ से उनका गाजे-बाजे के साथ स्वागत किया गया। पटना हवाईअड्डे पर जद (यू) के सैकड़ों का कार्यकर्ता मौजूद थे। मुख्यमंत्री के हवाईअड्डे से बाहर निकलने के बाद कार्यकर्ताओं से उनका जोरदार स्वागत किया और पार्टी के पक्ष में नारे लगाए। 

इस यात्रा में मुख्यमंत्री के साथ राज्य के पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव सहित एक शिष्टमंडल भी जापान गया था, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी और कई संगठनों के अधिकारी शामिल थे। 

मंत्री यादव ने यात्रा को सफल बताते हुए कहा कि जापान के साथ कई मुद्दों पर बातचीत हुई है, जिसका लाभ भविष्य में नजर आएगा।  

इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने टोक्यो में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और विदेश मंत्री से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने बिहार में निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए जापान की वित्तीय संस्थाओं और निवेशकों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ हिरोशिमा भी गए थे।

इस यात्रा को लेकर बिहार में विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा था। 

नए अमेरिकी एच-1बी नियमों से कुछ खास फर्क नहीं पड़ेगा : नैसकॉम

Friday, 23 February 2018 20:29

 अमेरिकी प्रशासन द्वारा सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को एच-1बी वीजा जारी करने के नए कदम से भारतीय आईटी कंपनियों पर कुछ खास फर्क नहीं पड़ने वाला है। उद्योग के शीर्ष निकाय नैसकॉम ने शुक्रवार को यह बात कही। नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसिस कंपनीज (नैसकॉम) ने यहां एक बयान में कहा, "नए कदम गैरजरूरी और अनावश्यक बोझ साबित होंगे। इससे हमारी सदस्य कंपनियों पर कुछ खास फर्क नहीं पड़ने वाला है, जो क्लाइंट कंपनियों को समाधान प्रदान करती हैं।"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बाय अमेरिकन और हायर अमेरिकन नीति पर चलते हुए अमेरिकी नागरिक और आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने गुरुवार को नीति में बदलाव करते हुए यह व्यवस्था दी है कि भर्ती करनेवाली कंपनियों को यह साबित करना होगा कि थर्ड पार्टी वर्क साइट पर काम करने के लिए इस वीजा पर बुलाए जा रहे कर्मचारी का काम विशिष्ट प्रकार का है और उसे खास जरूरत के लिए बुलाया जा रहा है। 

नैसकॉम के अध्यक्ष आर. चंद्रशेखर ने आईएएनएस को बताया, "लचीले भारतीय आईटी उद्योग ने यह दर्शाया है कि प्रायोजक नियोक्ता के रूप में, वे अपने वीजा धारकों के साथ नियंत्रण और रिश्ते बनाए रखते हैं।"

आईटी निकाय ने कहा है कि वह इसके प्रभावों पर नजर रखे हुए है और इस बारे में जानकारियां साझा की जाएंगी।


देश का विदेशी पूंजी भंडार 1.96 अरब डॉलर बढ़ा

Friday, 23 February 2018 20:29

देश का विदेशी पूंजी भंडार 23 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 1.96 अरब डॉलर बढ़कर 421.72 अरब डॉलर हो गया, जो 26,944.0 अरब रुपये के बराबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से जारी साप्ताहिक आंकड़े के अनुसार, विदेशी पूंजी भंडार का सबसे बड़ा घटक विदेशी मुद्रा भंडार आलोच्य सप्ताह में 1.92 अरब डॉलर बढ़कर 396.57 अरब डॉलर हो गया, जो 25,341.6 अरब रुपये के बराबर है। 

बैंक के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार को डॉलर में व्यक्त किया जाता है और इस पर भंडार में मौजूद पाउंड, स्टर्लिग, येन जैसी अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ता है।

आलोच्य अवधि में देश का स्वर्ण भंडार 21.51 अरब डॉलर रहा, जो 1,370.2 अरब रुपये के बराबर है।

इस दौरान देश के विशेष निकासी अधिकार (एसडीआर) का मूल्य 1.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 1.54 अरब डॉलर हो गया, जो 98.8 अरब रुपये के बराबर है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में देश के मौजूदा भंडार का मूल्य 2.17 करोड़ डॉलर बढ़कर 2.08 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जो 133.4 अरब रुपये के बराबर है।

बैंक घोटाला : सरकारी चूक का भी खुलासा करे सरकार

Friday, 23 February 2018 20:27

जिस देश में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहराई तक जा चुकी हैं, वहां किसी बैंक में महाघोटाला होना कोई हैरत की बात नहीं है। जबसे पीएनबी घोटाला सामने आया है, इस पर हो-हल्ला ज्यादा हो रहा है और आरोपियों तक पहुंचने का काम कम। 

पीएनबी घोटाले ने लोगों का विश्वास बैंकों पर से भी कम कर दिया है। मोदी सरकार ने बेशक आर्थिक भ्रष्टाचार को रोकने के लिए नोटबंदी का ऐतिहासिक फैसला लेने का तर्क दिया, लेकिन पीएनबी घोटाले ने मोदी सरकार को आर्थिक भ्रष्टाचार रोकने में नाकामयाब कर दिया। मोदी सरकार अगर भ्रष्टाचार को रोकने के लिए नोटबंदी के फैसले से पहले इसके आधार में व्याप्त भ्रष्टाचार पर वार करती, उसके बाद नोटबंदी का फैसला लेती, तब शायद कामयाब हो सकती थी। इससे आर्थिक भ्रष्टाचार पर भी लगाम लग जाती और बैंकिंग व्यवस्था में भी सुधार आता। 

बैंक घोटाले के लगभग एक सप्ताह बाद भारी आलोचना झेलने के बाद केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने जुबान खोली और पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के संदर्भ में बैंक प्रबंधन और आंतरिक तथा बाहरी ऑडिटरों की लापरवाही के साथ ही बिना नाम लिए रिजर्व बैंक की कमजोर नजर पर भी कटाक्ष किए। 

वित्तमंत्री का यह प्रश्न गलत नहीं है कि काम करने की स्वायत्तता के बावजूद बैंक प्रबंधन ने अपनी भूमिका का निर्वहन सही तरीके से क्यों नहीं किया? ऑडिट करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट को आत्मावलोकन की सलाह देते हुए जेटली ने बैंक के आंतरिक और बाहरी ऑडिटरों पर भी आक्षेप लगाया, जो इतने वर्षो से चले आ रहे इतने बड़े घोटाले को सूंघ नहीं सके। 

रिजर्व बैंक नियमित रूप से विभिन्न बैंकों की शाखाओं का ऑडिट करवाता है। उस दौरान भी पंजाब नेशनल बैंक में चल रहे घोटाले पर नजर नहीं जाने पर भी वित्तमंत्री ने जो तंज कसा, वह बेमानी नहीं है। जेटली ने नीरव मोदी कांड उजागर होने के इतने दिनों बाद मुंह खोला तो उसमें दोषियों को पकड़कर लाने और डूबंत रकम की वसूली जैसा आश्वासन देने के बजाय बैंक प्रबंधन, ऑडिटरों और रिजर्व बैंक पर ही पूरी जिम्मेदारी थोप दी। 

वित्तमंत्री शायद ऐसा न कहते, यदि प्रधानमंत्री और उन पर चौतरफा हमले न हुए होते। विजय माल्या मामला तो सीधे-सीधे कर्ज वसूली नहीं हो पाने का था, लेकिन नीरव मोदी कांड में बैंक और ऑडिट करने वाले बैंक अधिकारी और चार्टर्ड अकाउंटेंट सहित रिजर्व बैंक की अनदेखी की ही भूमिका रही। 

पीएनबी का कहना है कि उसके दो कर्मियों ने धोखाधड़ी कर एलओयू स्विफ्ट के जरिए विदेश में स्थित बैंकों को दिए। स्विफ्ट यानी सोसायटी फार वल्र्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंनशियल टेलिकम्युनिकेशन के जरिए एलओयू एक बैंक से दूसरे बैंक भेजे जाते हैं। इस प्रक्रिया की जांच तीन स्तरों पर की जाती है। स्विफ्ट इंस्ट्रक्शन का मतलब होता है कि बैंक की सहमति से यह किया जा रहा है। यानी बैंक इसे बनाता है, फिर इसकी जांच होती है और उसके बाद एक और बार सारी जानकारियां पुख्ता करके ही अगले बैंक तक इसे भेजा जाता है। 

तीन स्तरों पर की गई इस जांच प्रक्रिया के कारण इसे सुरक्षित माना जाता है और अब तक दुनिया में इसके कारण कोई धोखे की खबर नहीं आई है। लेकिन पीएनबी के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से आरोपी नीरव मोदी और उनके सहयोगियों ने यह धोखा भी कर दिखाया।

जिन एलओयू (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) के जरिये 11300 करोड़ का घोटाला होता रहा, उन्हें यदि बैंक के सम्बन्धित अधिकारियों ने रिकॉर्ड पर नहीं लिया तो ये सीधे-सीधे अपराधिक षड्यंत्र की परिधि में आता है। लेकिन इस घोटाले में चूंकि अन्य बैंक भी शामिल थे, इसलिए ये बात बेहद रहस्यमय लगती है कि किसी ने भी समूचे लेनदेन पर न निगाह रखी और न ही संदेह व्यक्त किया। 

रिजर्व बैंक भी अपने तरीके से विभिन्न बैंकों के अलावा बड़े कारोबारियों की गतिविधियों पर निगाह रखता है। शेयर बाजार की उठापटक पर भी उसका ध्यान रहता है। इस लिहाज से जेटली द्वारा उठाए सवाल न तो अप्रासंगिक हैं और न ही अनावश्यक, क्योंकि उनके जरिये उन्होंने देशभर में फैली ऑडिट व्यवस्था को जिस तरह कठघरे में खड़ा कर दिया, वह महत्वपूर्ण है।

कुछ समय पूर्व चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के अखिल भारतीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सीए के हस्ताक्षर प्रधानमंत्री के दस्तखत से भी अधिक शक्तिशाली होते हैं। ऐसा कहकर उन्होंने पूरी सीए बिरादरी को उसके कर्तव्यबोध से अवगत कराया था। इसमें दो मत नहीं है कि जितने भी बड़े आर्थिक घोटाले होते हैं, उनके पीछे कहीं प्रत्यक्ष तो कहीं परोक्ष रूप से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका रहती है। इसलिए कि किसी भी व्यवसायिक प्रतिष्ठान की पूरी कुंडली वही बनाते हैं। आयकर महकमा भी उनके द्वारा प्रमाणित हिसाब-किताब को मान्य करता है। बैंक अथवा ऋण देने वाला कोई भी अन्य वित्तीय संस्थान सीए द्वारा बनाई प्रोजेक्ट रिपोर्ट के आधार पर ही निर्णय करता है। 

बैंकों की अपनी ऑडिट व्यवस्था के साथ बाहरी ऑडिट भी सीए द्वारा करवाया जाता है और इनके अतिरिक्त रिजर्व बैंक भी समय-समय पर अपने ऑडिटर भेजता है। इतनी सघन जांच के बाद भी अगर घोटाले होते हैं तो व्यवस्था में कमी अथवा खुल्लमखुल्ला भ्रष्टाचार ही इसकी वजह है। 

नीरव मोदी के पहले भी इस जैसे जितने कांड हुए, उनमें बैंक और सीए दोनों की संगामित्ति सामने आई थी। पंजाब नेशनल बैंक के कई अधिकारी अब तक पकड़े जा चुके हैं। लेकिन बड़ी मछलियां अब भी जाल से बाहर हैं। हो सकता है जांच एजेंसियां फूंक-फूंककर कदम रख रही हों, लेकिन वित्तमंत्री ने जिन-जिन पर निशाना साधा है, उन सभी की भूमिका की जांच के साथ ही इस बात पर राष्ट्रव्यापी मंथन होना चाहिए कि जिन पर गलती पकड़ने का दायित्व और अधिकार दोनों हैं, वे ही यदि लापरवाह हो गए या उसी गलती के हिस्से बन गए, तो फिर व्यवस्था को चरमराने से कौन और कैसे रोक सकेगा? 

यद्यपि पूर्ववर्ती और वर्तमान सरकार ऐसे प्रकरणों में खुद को बेदाग बताकर पूरा ठीकरा दूसरों पर फोड़कर स्वयं को बाइज्जत बरी कर लें, यह भी न्यायोचित नहीं होगा, लेकिन वित्तमंत्री जेटली ने जो मुद्दा छेड़ा, वह नीरव मोदी कांड के अलावा भी विचारणीय है, क्योंकि वित्तीय घोटाले कोई डकैती तो हैं नहीं कि पिस्तौल के दम पर लूटपाट हो जाए। 

वर्षों पूर्व जब पहला घोटाला हुआ, तभी यदि जांच और दंड प्रक्रिया में गंभीरता बरती गई होती, तब शायद घोटालेबाजों का हौसला इतना बुलंद न हुआ होता। स्थितियों को इतना खराब करने के लिए राजनीतिक बिरादरी की भूमिका भी कम जिम्मेदार नहीं है। बेहतर होता, जेटली उस पर भी उंगली उठाते। 

विपक्ष उनकी सरकार पर जबर्दस्त हमले कर रहा है। माल्या, नीरव और कोठारी जैसे घोटालेबाजों के कारनामे बिना सियासी संरक्षण के होते रहे, ये कोई नहीं मान रहा। वित्तमंत्री ने जिन-जिन पर तोहमत लगाई वे तो वाकई कसूरवार हैं ही, लेकिन सरकार में बैठे पूर्व और वर्तमान महानुभाव भी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते, क्योंकि भ्रष्टाचार का असली स्रोत तो राजनीति ही है।

अरुण जेटली में यदि साहस है तो वे ऐसे प्रकरणों में सरकारी स्तर पर होने वाली चूक का खुलासा भी करें। जिस दिन वे ऐसा कर देंगे, उस दिन से विश्वास का संकट भी कम होने लगेगा। 

दरअसल, आत्मावलोकन की सबसे ज्यादा जरूरत तो इस देश के राजनीतिक नेताओं को है, फिर चाहे वे सत्ता में हों या विपक्ष में। अब मोदी सरकार को यह राग अलापना बंद करना चाहिए कि उसका नोटबंदी का फैसला देश में आर्थिक भ्रष्टाचार रोकने में कामयाब रहा।

पीएनबी घोटाले ने मोदी सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल उठता है कि क्या मोदी ने केवल गरीब लोगों के बैंक खाते को ही आधार कार्ड से लिंक करवाने के निर्देश दिए हैं? अब वित्तमंत्री ने इस घोटाले के लिए बैंकिंग व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन जेटली साहब बताएं कि व्यवस्था में पसरे इस भ्रष्टाचार को खत्म कौन करेगा?

सार्वजनिक बैंकों में अचानक इतने बड़े घोटाले हो जाते हैं और अंतिम क्षणों तक मालूम भी नहीं होता। यह तभी मुमकिन है, जब बैंक के कुछ उच्च अधिकारी भी उसमें शामिल हों। आम जनता को ऋण देते वक्त जो गारंटियां व शर्तें रखी जाती हैं, वो अगर बड़े उद्यमियों के ऊपर लागू हों तो कम से कम आम जनता को तो खमियाजा नहीं भुगतना पड़ेगा।

घोटाले के उपरांत दूसरे देश में जाकर बसने वालों के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श के बाद कठोर दंड का प्रावधान होना चाहिए। संपत्ति के आधार पर ऋण व्यवस्था तो सही मापदंड है ही, इसके अलावा इन भ्रष्ट उद्यमियों के लिए और कठोर कायदे-कानून होने चाहिए। बैंक अधिकारियों की भी सतर्कता के साथ छानबीन होती रहनी चाहिए। (आईएएनएस/आईपीएन)

राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस की ओर से नहीं होगा कोई सीएम पद का चेहरा

Friday, 23 February 2018 20:24

कांग्रेस महासचिव अविनाश पाण्डेय ने आज कहा कि पार्टी राज्यों के विधानसभा चुनाव प्राय: सामूहिक नेतृत्व में ही लड़ती है और राजस्थान इसका अपवाद नहीं होगा. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडेय ने बताया, ‘‘यदि कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाए तो पार्टी सामूहिक नेतृत्व में ही चुनाव लड़ती रही है. चुनाव जीतने के बाद ही विधायक नेतृत्व को चुनते हैं. उन्होंने कहा कि राजस्थान (विधानसभा चुनाव) में भी इसका पालन किया जाएगा.’’ उन्होंने बताया कि कल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सचिन पायलट भी मौजूद थे. इसके साथ ही पांडेय ने यह साफ किया कि इस बैठक में राजस्थान में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है.

 

राजस्थान विधानसभा चुनाव इसी साल निर्धारित हैं. पार्टी सूत्रों ने बताया कि राहुल के साथ आज हुई बैठक में राजस्थान में हाल में पार्टी द्वारा अलवर एवं अजमेर लोकसभा सीट और मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव को कांग्रेस द्वारा जीते जाने पर चर्चा हुई. सूत्रों के अनुसार पार्टी नेताओं ने सुझाव दिया कि जिस प्रकार गुजरात में चुनाव मुद्दों के आधार पर लड़े गये हैं, उसी प्रकार राजस्थान चुनावों में बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाये.

कांग्रेस की राजस्थान इकाई के प्रमुख सचिन पायलट ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष के साथ बहुत सार्थक चर्चा हुई. हम जल्द ही एक जन सम्पर्क कार्यक्रम शुरू करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमने एक कार्यक्रम बनाया है, ‘मेरा बूथ मेरा गौरव’. इसके तहत हम राज्य के 49 हजार बूथों पर अपने कार्यकर्ताओं को तैयार करेंगे. इसके साथ ही हम सभाएं करेंगे, पदयात्राएं करेंगे और किसानों के मुद्दे उठायेंगे.
 

AAP का केंद्र पर हमला, कहा- सीएम केजरीवाल के घर छापेमारी मोदी सरकार की तानाशाही का नतीजा

Friday, 23 February 2018 20:22

दिल्ली के मुख्य सचिव से मारपीट मामले में आम आदमी पार्यी यानी आप ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ पार्टी विधायकों की कथित बदसलूकी के मामले में आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर हुई पुलिस छापेमारी को केन्द्र सरकार की तानाशाही का नतीजा बताते हुये कहा कि राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारों के खिलाफ दमनकारी रवैये के विरोध में आप कार्यकर्ता कल देशव्यापी आंदोलन करेंगे. 

आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और पार्टी प्रवक्ता आशुतोष ने संवाददाताओं से कहा कि पुलिस की कार्रवाई केन्द्र सरकार के इशारे पर हो रही है. यह दिल्ली की निर्वाचित सरकार को गिराने की साजिश का हिस्सा है.


आप नेताओं ने घटना से जुड़े सबूत जुटाने के लिये मुख्यमंत्री आवास में पुलिस के प्रवेश को ‘अवैध’ बताते हुये कहा कि बिना किसी पूर्व नोटिस के पुलिस ने यह कार्रवाई की है. संवाददाता सम्मेलन में मौजूद वरिष्ठ वकील बी एस जून ने कहा कि मुख्यमंत्री के सरकारी आवास में बिना पूर्व नोटिस के पुलिस का दाखिल होना, कानून की नजर में ‘अनधिकृत प्रवेश’ के दायरे में आता है. 

जून ने कहा कि पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास में अंदर पहुंच कर मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी के नाम लिखा एक पत्र सौंप कर छानबीन की बात बतायी, जबकि मुख्यमंत्री आवास में विशेष कार्याधिकारी की तैनाती ही नहीं है। ऐसे में पुलिस का प्रवेश अवैध है. जून ने कहा कि इस मामले की अदालती जांच के दौरान पुलिस की दलीलें जिस तरह से खारिज की गयी हैं, उससे लगता है कि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही साबित करने के लिये नये आधारों की तलाश में छापेमारी करने गई थी. 

आशुतोष ने मुख्यमंत्री आवास में पुलिस के तलाशी अभियान के एक वीडियो के हवाले से कहा कि पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास में रंगों की पुताई के बारे में पूछताछ की. उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि पुलिस किस मकसद से और किसके इशारे पर यह कार्रवाई कर रही है.

संजय सिंह ने कहा कि इस प्रकरण का एकमात्र मकसद केजरीवाल सरकार को अस्थिर करना और पुलिस कार्रवाई का मकसद आप नेताओं को अपमानित एवं प्रताड़ित करना. उन्होंने कहा, ‘मोदी सरकार दिल्ली से लेकर बंगाल तक, विपक्षी दलों की सरकार वाले सभी राज्यों में शासन तंत्र को अस्थिर करने का काम कर रही है. दिल्ली में भी पुलिस की कार्रवाई मोदी सरकार के इशारे पर हो रही है.’ इसके विरोध में आप कार्यकर्ता देश के सभी जिला मुख्यालयों पर कल विरोध प्रदर्शन करेंगे.

इस बीच दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री आवास से घटना के दिन की सीसीटीवी फुटेज मांगी गई थी लेकिन इसके नहीं मिलने पर पुलिस का जांच दल वारदात से जुड़े सबूत जुटाने के लिये गया था.

सेंसेक्स में 323 अंकों की तेजी

Friday, 23 February 2018 16:30

देश के शेयर बाजारों में शुक्रवार को तेजी दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 322.65 अंकों की तेजी के साथ 34,142.15 पर और निफ्टी 108.35 अंकों की तेजी के साथ 10,491.05 पर बंद हुआ। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 12.5 अंकों की तेजी के साथ 33,832.00 पर खुला और 322.65 अंकों या 0.95 फीसदी की तेजी के साथ 34,142.15 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 34,167.60 के ऊपरी और 33,832.00 के निचले स्तर को छुआ। 

बीएसई के मिडकैप सूचकांक और स्मॉलकैप सूचकांक में भी तेजी रही। बीएसई का मिडकैप सूचकांक 239.89 अंकों की तेजी के साथ 16,562.03 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 272.49 अंकों की तेजी के साथ 17,996.22 पर बंद हुआ।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी सुबह 25.4 अंकों की तेजी के साथ 10,408.10 पर खुला और 108.35 अंकों या 1.04 फीसदी की तेजी के साथ 10,491.05 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 10,499.10 के ऊपरी और 10,396.65 के निचले स्तर को छुआ।

बीएसई के 19 में से सभी सेक्टरों में तेजी रही। धातु (3.16 फीसदी), आधारभूत सामग्री (2.43 फीसदी), स्वास्थ्य सेवाएं (1.91 फीसदी), दूरसंचार (1.90 फीसदी) और ऊर्जा (1.44 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

पटना में पुलिस घोटाला: ड्यूटी से गायब रह कर वेतन ले रहे 200 अफसर और सिपाही

Friday, 23 February 2018 16:10

 

बिहार की राजधानी पटना में बड़े पुलिस घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। यहां तकरीबन 200 पुलिस अफसर-सिपाही ड्यूटी से साल भर तक गायब रहे। फिर भी उनके खाते में हर महीने तनख्वाह पहुंचती रही। ये बातें जब डीआईजी के निरीक्षण में सामने आई तो सब दंग रह गए। सच्चाई देख प्रशासनिक अमला हरकत में आया और मुंशी व एसआई को इस बाबत सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस लाइन में तैनात लगभग तीन दर्जन पुलिस अधिकारी समेत 200 जवानों का एक साल से कोई पता नहीं है। वे कहां हैं? क्यों गए थे? वापस क्यों नहीं आए? आगे आएंगे या नहीं? फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, मगर सबसे हैरानी की बात है कि इनमें से कई की तनख्वाह महीने के महीने खाते में पहुंचती थी। हालांकि, उनमें से कुछ की सैलरी पर रोक थी। सूत्रों की मानें तो ऊंची पहुंच रखने वाले अधिकारियों-सिपाहियों की तनख्वाह अभी भी रही है।

निरीक्षण बाद तनख्वाहएं रोकीं
यह सब मामला तब सामने आया, जब सेंट्रल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार ने पुलिस लाइन का निरीक्षण किया। तकरीबन पांच के निरीक्षण के बाद डीआईजी ने इन जवानों, एसआई और इंस्पेक्टर की तनख्वाहें बंद करा दीं। उन्होंने इसी के साथ अधिकारियों-सिपाहियों के इस बाबत किसी प्रकार का रिकॉर्ड न रखने पर नाराजगी जाहिर की। प्रशानिक विभाग की लापरवाही उन्होंने यहां तैनात मुंशी राजू प्रसाद और एसआई संजीव कुमार को निलंबित कर दिया।

‘बर्खास्त करने में नहीं लगेगी देर…’
बकौल राजेश कुमार, “एक साल से बगैर नोटिस के जो लोग गायब हैं, वे 48 घंटे में हाजिर हों। अन्यथा उनके निलंबन को बर्खास्तगी में बदलने में देर नहीं लगेगी।” डीआईजी के अनुसार, पुलिस कानून में अगर छह महीने तक कोई बगैर सूचित किए ड्यूटी पर न आए तो उसे सीधे बर्खास्त करने का प्रावधान है।

VIP से छीने अंगरक्षक
निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने यह भी देखा कि पटना के 50 ऐसे वीआईपी को अंगरक्षक दिए गए हैं, जो एक से तीन साल से रखे हुए हैं। उन्हें कभी धमकियां मिलीं तो अंगरक्षक का बंदोबस्त किया गया, मगर वे इसे स्टेटस सिंबल मानते हैं। डीआईजी ने ऐसे में उनके अंगरक्षकों को हटा दिया। राकेश कुमार ने जिन लोगों से यह विशेषाधिकार छीना है, उनमें ज्यादातर डॉक्टर, इंजीनियर, ठेकेदार, बिल्डर और नेता शामिल हैं। सरकार उनके अंगरक्षकों का खर्च उठाती थी।

शहर में लगाईं 50 टीमें
कुमार ने आगे बताया कि यहां करीब 300 जवान सिर्फ खानापूर्ति करते हैं। वेतन के हिसाब से उनसे काम नहीं लिया जा रहा था। नतीजतन डीआईजी ने उन सभी को शहर की सुरक्षा में मुस्तैद किया। अब से जवानों की 50 टीमें शहर की रक्षा करेंगी। हर टीम में छह जवान होंगे। डीआईजी ने कहा कि सुरक्षा के काम से इतर वे पुलिस लाइन में टिके रहेंगे तो उन पर उचित कार्रवाई होगी।

यूपी से चल रहा था इंटरनेशनल पोर्न रैकेट

Friday, 23 February 2018 16:08

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश से चल रहे अंतर्राष्ट्रीय चाइल्ड पोर्नोग्राफी रैकेट का भंडाफोड़ किया। यह रैकेट वॉट्सएप ग्रुप के जरिए धड़ल्ले से चल रहा था, जिसका नाम किड्स ट्रिपल एक्स (KidsXXX) था। ग्रुप में कुल 119 सदस्य थे, जिन्हें बच्चों की नग्न तस्वीरें और वीडियो नियमित भेजे जाते थे। कुख्यात चाइल्ड पोर्नोग्राफी ग्रुप के संचालक की पहचान भी कर ली गई है। ग्रुप का एडमिनिस्ट्रेटर 20 वर्षीय निखिल वर्मा है। उत्तर प्रदेश में कन्नौज जिले से वह बी.कॉम पास है। ग्रुप के सदस्य न केवल भारत में थे, बल्कि देश के बाहर तक थे। मसलन अमेरिका, चीन, न्यूजीलैंड, मेक्सिको, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ब्राजील, केन्या, नाइजीरिया और श्रीलंका के लोग भी इस ग्रुप के सदस्य थे। मामले की छानबीन के दौरान सीबीआई ने आरोपी से मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क्स और कुछ अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। वर्मा के अलावा चार और लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है, जिनमें दिल्ली से नफीस रजा व जाहिद हैं। मुंबई से सतेंद्र ओम प्रकाश चौहान हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के नोएडा से आदर्श का नाम इसमें शामिल है।

अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई ने इस अंतर्राष्ट्रीय चाइल्ड पोर्नोग्राफी ग्रुप का राजफाश करने के लिए तीन महीने तक मेहनत की। खास बात है कि इस दौरान जांच एजेंसी ने किसी भी वॉट्सएप सर्विलांस का सहारा नहीं लिया। कंप्यूटरों और मोबाइल फोन्स के आईपी एड्रेस के जरिए आरोपियों के ठिकाने का पता लगाया गया, जिससे वे गंदे और अश्लील फोटो-वीडियो शेयर करते थे।

बच्चों के अभद्र और अश्लील फोटो-वीडियो देखना, रखना, बनाना, रिकॉर्ड करना, अपलोड करना और उन्हें दूसरों को भेजना आईटी एक्ट, 2000 की धारा 67बी के तहत गंभीर अपराध के अंतर्गत आता है। आरोपी को इसमें सात सालों तक के लिए सजा का प्रावधान है और उसे 10 लाख रुपए का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

अधिकारियों का यह भी कहना है कि सीबीआई इस बात की जांच करेगी कि कहीं कोई गैंग तो ऐसे वीडियो और फोटो नहीं बनाकर वर्चुअल वर्ल्ड में बेचता है। फिलहाल जांच एजेंसी ग्रुप के अन्य सदस्यों का पता लगाने में जुटी है, जो भारत के साथ विदेश में भी छिपे हैं।

 

 

 

पीएनबी घोटाला : ईडी ने नीरव के बैंक खाते जब्त किए

Friday, 23 February 2018 16:08

प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि हीरा कारोबारी नीरव मोदी के बैंक खाते और 43 करोड़ रुपये के कीमत के शेयर जब्त कर दिए गए हैं। ईडी ने यह कार्रवाई 11,300 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले की मौजूदा जांच के संदर्भ में की है। वित्तीय जांच एजेंसी के अनुसार, "पिछले कुछ समय में नीरव के कई ठिकानों पर मारे गए छापे में बड़ी संख्या में आयातित घड़ियां जब्त की गई हैं।"

ईडी ने कहा, "नीरव के जिस बैंक खाते को जब्त किया गया है, उसमें 30 करोड़ रुपये हैं और जब्त शेयर की कीमत 13.86 करोड़ रुपये है।"

अधिकारियों ने कहा कि छापे के दौरान उन्होंने नीरव से संबंधित स्टील की 176 आलमारियां, 158 बक्से, 60 अन्य कंटेनर जब्त किए हैं।

गुरुवार को, एजेंसी ने नीरव और उनके समूह से जुड़े 100 करोड़ रुपये के बैंक डिपॉजिट, शेयर और लक्जरी कार जब्त किए थे।

एजेंसी ने नीरव मोदी के 7.80 करोड़ रुपये के शेयर और म्युचल फंड जब्त कर दिए और इसके साथ ही गीतांजलि समूह के मेहुल चोकसी के 86.72 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

एजेंसी ने यह कार्रवाई इस मामले में दो अन्य लोगों के खिलाफ मौजूदा जांच के अंतर्गत की है। इस मामले में उनकी कंपनियों के निदेशकों और बैंक धोखाधड़ी में संलिप्त बैंक अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) भी इस मामले की जांच कर रहा है।

डोडो ऋण करार पर सांतोस क्लब में शामिल हुए

Friday, 23 February 2018 16:07

सेरी-ए लीग क्लब साम्पडोरिया ने अपने लेफ्ट-बैक जोस डोडो रोडोल्फो पिरेस रिबेरियो के ऋण करार के तहत सांतोस में शामिल होने की पुष्टि की है। डोडो इस साल बाकी बचे सीजन के लिए सांतोस में शामिल हो गए हैं। 

समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, इटली क्लब ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में बताया कि इस ऋण करार में सांतोस के पास डोडो को खरीदने का विकल्प भी शामिल है। 

यूरोपीय ट्रांसफर विंडो 31 जनवरी को समाप्त हो गया था, लेकिन ब्राजीलियाई ट्रांसफर विंडो दो अप्रैल तक खुला रहेगा और इसके तहत ही साम्पडोरिया तथा सांतोस के बीच डोडो को लेकर सौदा संभव हो पाया है। 

ब्राजील की अंडर-17 टीम के लिए डोडो ने मैच खेले हैं। इस टीम ने दक्षिण अमेरिकी चैम्पियनशिप जीती थी। डोडो पिछले दो साल से साम्पडोरिया में शामिल हैं, लेकिन कोच मार्को गियामपाओलो की टीम में वह फिट नहीं हो पाए और इसलिए इस सीजन में वह टीम के साथ एक भी मैच नहीं खेल पाए। 

बार्सिलोना ने सर्गी रोबटरे के करार में विस्तार किया

Friday, 23 February 2018 16:07

बार्सिलोना फुटबाल क्लब ने अपने मिडफील्डर सर्गी रॉबटरे के करार में विस्तार किया है। इस नए करार के तहत अब रॉबटरे स्पेनिश क्लब के साथ 2022 तक बने रहेंगे। 

समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, 26 वर्षीय रॉबटरे ने क्लब के अध्यक्ष जोसेप मारिया बाटरेमेयु के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि किस प्रकार उन्होंने पेशेवर फुटबाल को खेलने के सपने को सच्चाई में तब्दील किया। 

बार्सिलोना की वेबसाइट पर जारी एक बयान में रोबटरे ने युवा खिलाड़ियों को भी यहीं सुझाव दिया कि इस प्रकार का सपना देखने वाले खिलाड़ियों को संघर्ष करते रहना चाहिए और धैर्य बनाए रखते हुए कभी रुकना नहीं चाहिए। 

बार्सिलोना ने रॉबटरे के करार में विस्तार के साथ ही बायआउट की राशि को 4 करोड़ यूरो (4.93 करोड़ डॉलर) से बढ़ाकर 50 करोड़ यूरो (61.6 करोड़ डॉलर) कर दिया है। 

मिडफील्डर रॉबटरे ने कहा कि वह लियोनेल मेसी, जावी हर्नादेज, आंद्रेस इनिएस्ता, जेरार्ड पिक और कार्लेस पियोल के पदचिन्हों पर चलना पसंद करेंगे। 

यूरोपा लीग मैच से पहले हुई भिड़त में पुलिस अधिकारी की मौत

Friday, 23 February 2018 16:06

यूरोपा लीग में एथलेटिक बिलबाओ और स्पार्ताक मॉस्को के बीच खेले गए मैच से पहले प्रशंसकों के बीच हुई भिड़ंत में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 'बॉस्क कंट्री' के पुलिसबल में कार्यरत अधिकारी की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। 

इस मैच के आयोजन की निगरानी के लिए 500 से अधिक अधिकारी तैनात किए गए थे और रिपोर्टों का कहना है कि इस भिड़ंत में कम से कम पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 

बिलबाओ पुलिस ने कहा, "हमारी सांत्वना पुलिस अधिकारी के परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ हैं।"

सान मामेस स्टेडियम में खेले गए इस मैच के बाद स्पेनिश लीग क्लब ने ट्वीट कर कहा, "पुलिस अधिकारी के परिवार और साथी कर्मचारियों के साथ हमारी सांत्वना है। बिलबाओ क्लब फुटबाल से जुड़ी हिंसक घटनाओं की कड़ी रूप से निंदा करता है।"

इस हिंसक भिड़ंत की वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि समर्थकों ने एक-दूसरे पर पटाखों का इस्तेमाल किया था। 

एक फैशन शो की तरह था उप्र इन्वेस्टर्स समिट : मायावती

Friday, 23 February 2018 16:04

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने गुरुवार को लखनऊ में संपन्न हुई इनवेस्टर्स समिट को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि यह सरकार के लिए एक फैशन शो की तरह था। लखनऊ में शुक्रवार को एक बयान जारी कर मायावती ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन जनता का ध्यान सरकार की विफलताओं से हटाने के लिए किए जा रहे हैं। यह भाजपा की सरकारों के लिए एक फैशन शो की तरह हो गया है।

मायावती ने कहा कि प्रदेश में निवेशक तभी आएंगे जब यहां अपराध पर नियंत्रण होगा और फिलहाल कानून व्यवस्था अच्छी नहीं है, इसीलिए निजी निवेशक यहां आने में खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र, गुजरात के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी इन्वेस्टर्स समिट का बुखार सरकार पर चढ़ गया है।"

बसपा सुप्रीमो ने सरकार को ऐसे आयोजनों के बजाए किसानों व बेरोजगारों के हित में जनता की कमाई लगाने की नसीहत भी दी।

उप्र सरकार की ओर से प्रदेश में निवेश को बढ़ाने के लिए 21 और 22 फरवरी को इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने और समापन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया।

स्कोडा ने भारत में ₹ 35,000 तक बढ़ाए अपनी सभी कारों के दाम

Friday, 23 February 2018 16:02

स्कोडा इंडिया ने घोषणा की है कि कंपनी भारत में अपनी सभी कारों की कीमतों में इज़ाफा करने वाली है और बढ़ी हुई कीमतें 1 मार्च 2018 से लागू की जाएंगी. चैक गणराज्य की कार कंपनी स्कोडा ने कहा है कि हालिया यूनियन बजट में कस्टम ड्यूटी बढ़ जाने से कंपनी को कारों की दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं. कंपनी का कहना है कि सभी कारों की कीमतों में 3 से 4 % का इज़ाफा किया गया है जो कार मॉडल और वेरिएंट पर निर्भर करेगा. बढ़ी हुई कीमत से ग्राहकों को बहुत परेशानी ना हो इसीलिए स्कोडा इन कीमतों को कई चरणों में बढ़ाएगी. 1 मार्च 2018 से कंपनी अपनी सभी कारों की कीमतों में 1 % बढ़ोतरी करने वाली है जिसका मतलब कारों की कीमतें मॉडल के हिसाब से 10,000 रुपए से लेकर 35,000 रुपए तक बढ़ जाएंगी.

skoda kodiaq

पिछली बार स्कोडा ने 1 जनवरी 2018 को सभी कारों के दाम बढ़ाए थे
 
हाल ही में घोषित हुए बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वाहनों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है जिनका निर्माण पूरी तरह भारत में नहीं होता लेकिन बनाई विदेशों में जाती हैं और उन्हें भारत में असेंबल किया जाता है. इन वाहनों पर कस्टमर ड्यूटी को 10 % से बढ़ाकर 15 % कर दिया गया है. माना जा सकता है कि स्कोडा की  कोई भी कार पूरी तरह से भारत में नहीं बनाई जाती, खासतौर पर स्कोडा कोडिअक एसयूवी जो पूरी तरह कम्प्लीटली नॉक्ड डाउन यूनिट है. इन सभी कारों पर बढ़ी हुई कस्टम ड्यूटी कंपनी के साथ ही ग्राहकों की जेब पर काफी असर डालेगी.

 
आखरी बार स्कोडा ने भारत में अपनी कारों के दाम 1 जनवरी 2018 को बढ़ाए थे और उस वक्त लगभग सभी कार निर्माता कंपनियों ने बदलती बाज़ार अर्थव्यवस्था और कई सारे आर्थिक पहलुओं का हवाला देकर कारों की कीमतों में इज़ाफा किया था. उस वक्त कंपनी ने कारों की कीमत 2 से 3 % तक बढ़ाई थी. इस घोषणा के साथ ही कंपनी ने 50,000 रुपए के लॉयल्टी बोनस की भी घोषण की है जो स्कोडा के पुराने ग्राहकों को नई स्कोडा कार खरीदने पर मिलेगा. यह ग्राहकों को लुभाने के लिए कंपनी की नीति है जिसमें दाम बढ़ने से पहले ही ग्राहकों को कार बेचने का प्लान बनाया गया है.

केजरीवाल के घर सभी कैमरों के समय में गड़बड़ी थी, 40 मिनट 42 सेकेंड पीछे थे कैमरे : दिल्ली पुलिस

Friday, 23 February 2018 15:58

एडिश्नल डीसीपी नॉर्थ दिल्ली हरिंदर सिंह का कहना है कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के घर पर तलाशी के बाद मीडिया से बात करते हुए बताया कि पुलिस को घटना से संबंधित जांच के लिए यहां आना पड़ा. पुलिस का कहना है कि यहां सबूत, घटना की स्टडी और सीसीटीवी फुटेज लेने के लिए आना पड़ा. 

एडिश्नल डीसीपी नॉर्थ दिल्ली हरिंदर सिंह ने बताया कि हमने घटना के अगले दिन ही कैमरों की रिकॉर्डिंग मांगी थी लेकिन नहीं दी गई. इसलिए आना पड़ा.

उन्होंने बताया कि बाहर 21 कमरे हैं, ड्राइंग रुम और कॉरिडोर में सीसीटीवी हैं. लेकिन कुछ कैमरे काम नहीं कर रहे थे. उन्होंने कहा कि हमने सीएम अरविंद केजरीवाल को नहीं बिठाया था और न ही पूछताछ की. 

पुलिस का कहना है कि हमने उन्हें सूचना दी थी. सीएम ऑफिस को आने की सूचना पहले ही दी गई थी. सीसीटीवी हार्ड डिस्क आज पुलिस ने सीज की है. 

 
 


पुलिस ने बताया कि 14 कैमरों में रिकॉर्डिंग हो रही थी. बाकी 7 कैमरों में रिकॉर्डिंग नहीं हो रही थी. इसकी जांच की जाएगी. फॉरंसिक टीम देखेगी कि आखिर ये कैमरे क्यों काम नहीं कर रहे थे. कहीं जानबूझकर तो ऐसा नहीं किया गया. क्या कोई टैम्परिंग हुई है. 

पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा भी किया. सिंह ने बताया कि सभी कैमरे 40 मिनट 42 सेकेंड पीछे चल रहे हैं. इसकी भी जांच होगी क्या टाइम जानबूझकर गलत किया गया है. इस पूरे मामले की जांच साइंटिफिक तरीके से होगी. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सभी 21 कैमरों के डाटा सीज किए हैं. 

मुख्य सचिव के साथ मारपीट का मामला- 'आप' के दोनों विधायकों की जमानत अर्जी खारिज

Friday, 23 February 2018 12:34

मुख्य सचिव के साथ मारपीट के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए आम आदमी पार्टी के दोनों विधायक अमानतुल्ला खान और प्रकाश जरवाल की जमानत याचिका दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने खारिज कर दी है. वहीं मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन ने सरकारी गवाह बनते हुए कोर्ट में गवाही दी है कि मुख्य सचिव के साथ मारपीट उनके सामने हुई थी. अदालत ने इस मामले में गिरफ़्तार आप विधायकों अमानतुल्लाह ख़ान और प्रकाश जारवाल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया था.

कोर्ट में अभियोजन पक्ष के वकील ने बहस के दौरान खुलासा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन सरकारी गवाह बन गए हैं और उनका कोर्ट और पुलिस के सामने बयान दर्ज हो गया है, जिसमें उन्होंने खुद कहा है, 'मैं मीटिंग के बीच में वॉशरूम गया और जब वापस लौट तो देखा कि एमएलए अमानतुल्लाह खान और प्रकाश ज़रवाल ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के घेरा हुआ है और वो उनके साथ मारपीट कर रहे हैं. उनका चश्मा भी नीचे गिर गया.' ​

हालांकि आम आदमी पार्टी ने कहा कि वीके जैन ने पुलिस के सामने कुछ और बयान दिया था, अब दूसरा बयान दबाव देकर दिलवाया गया है. वीके जैन के मुताबिक मीटिंग किसलिए बुलाई गई ये उन्हें भी नहीं पता था, लेकिन उन्होंने ही मुख्य सचिव को फोन कर मीटिंग में आने के लिए कहा था.
 

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