भारत की अंडर-17 टीम के कोच माटोस ने कहा, शेरों की तरह लड़ेंगे

भारत की अंडर-17 टीम के मुख्य कोच लुइस नोर्टन डे माटोस ने शनिवार को कहा कि वह एक अच्छे फुटबाल और सकारात्मक परिणामों के बीच ताल-मेल बिठाने की कोशिश करेंगे। इसके साथ ही माटोस ने वादा किया कि फीफा अंडर-17 विश्व कप में उनकी टीम के खिलाड़ी शेरों की तरह लड़ेंगे।

हीरो मोटरकोर्प की ओर से आयोजित एक समारोह में माटोस शामिल हुए। इस समारोह में कंपनी के चेयरमैन, महानिदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पवन मुंजाल ने टीम को शुभकामनाएं दी।

माटोस ने कहा, "हम इस टूर्नामेंट के लिए तैयार हैं। इसमें हम हर मैच में अपना ध्यान बनाए रखने के साथ-साथ 100 प्रतिशत देने की कोशिश करेंगे। हमें अपनी रणनीतिक योजनाओं को अच्छे से लागू करना होगा। कभी-कभी एक टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करना और न जीत पाना या अच्छा न खेल पाना और जीतना एक बड़ा सवाल खड़ा कर देता है। इसलिए, हमें इन दोनों ही परिस्थितियों को मिलाकर खेलने की जरूरत है।"

कोच माटोस ने कहा, "हम कोशिश जरूर करेंगे और अच्छा प्रदर्शन करने का भरसक प्रयास करेंगे, विशेषकर मैच के दौरान मुख्य क्षणों जैसे प्री-किक, पेनाल्टी कॉर्नर के दौरान।"

माटोस ने कहा कि टीम विभिन्न प्रक्रियाओं से सफलता हासिल करना चाहती है। खिलाड़ियों ने खेलने के कुछ तरीकों में बदलाव किया है और एक मैच के दौरान टीम का डिफेंस सबसे महत्वपूर्ण बात होता है। अच्छा डिफेंस ही जीत की शुरुआत होती है।

भारत में छह अक्टूबर से शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट के लिए भारत को कोलंबिया, अमेरिका और घाना के साथ ग्रुप-ए में शामिल किया गया है।

भारतीय टीम का पहला मुकाबला जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में छह अक्टूबर को अमेरिका से, नौ अक्टूबर को कोलंबिया और 12 अक्टूबर को घाना से होगा।

माटोस ने कहा, "अगर स्तर और अनुभव की बात की जाए, तो अमेरिका, कोलंबिया और घाना तीनों टीमें अलग-अलग हैं और सशक्त हैं। इन टीमों के खेल को तेजी, ध्यान और संगठन के स्तर पर आंका जा सकता है। अगर इन स्तरों पर भारतीय टीम नियंत्रण हासिल कर लेती है, तो टीम संघर्ष कर सकती है।"

हीरो मोटरकोर्प फीफा अंडर-17 विश्व कप टूर्नामेंट का राष्ट्रीय समर्थक है।

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