पुलिस विभाग में 4 लाख से अधिक पदों पर होनी है भर्ती

सुप्रीम कोर्ट ने देश के पुलिस विभागों में रिक्त पड़े 4.42 लाख पदों पर उम्मीदवारों की भर्ती करने के मामले में जांच करने का फैसला किया है। साथ ही कोर्ट ने भर्ती निकालने के लिए 6 राज्यों के टॉप गृह विभाग अधिकारियों को समन जारी किया है। चीफ जस्टिस जे एस खेहर और जस्टिस डी वाई चंद्रचुड और संजय किशान कौल की एक पीठ ने उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, कर्नाटक और तमिलनाडू के गृह सचिव और संयुक्त सचिव को शुक्रवार को खाली पदों पर भर्ती करने के एक मसौदे के साथ कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। बताया जा रहा है कि कई प्रदेशों में लाखों पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जानी है।

बता दें उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों की संख्या 3.5 लाख होनी चाहिए, जिसमें 1.51 लाख पद खाली हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में 37325, बिहार में 34251, झारखंड में 26303, कर्नाटक में 24399 पद और तमिलनाडू में 19803 उम्मीदवारों की नियुक्ति की जानी चाहिए। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पदों पर नियुक्ति को लेकर नोटिस जारी किया था , लेकिन किसी भी प्रदेश ने इस भर्ती को लेकर कोई फैसला नहीं लिया, जिसक कारण पहल से ही अतिरंजित पुलिस बल की क्षमता कानून व्यवस्था और अपराधों को रोकने में कम हो गई थी। हालांकि कोर्ट की ओर से उठाए गए इस फैसले के बाद से लाखों पद के लिए उम्मीदवारों की नियुक्ति की जा सकती है।

जस्टिस खेहर ने कहा कि 2015 का रिकॉर्ड बताता है कि देश में 4 लाख 33 हजार पुलिसकर्मियों की कमी है। 2014 में छत्तीसगढ़ सरकार का कहना था कि उनके यहां 3800 पद खाली हैं और अब सरकार का कहना है कि प्रदेश में 10 हजार पुलिस कर्मियों की आवश्यकता है। दरअसल कोर्ट देशभर की पुलिस के लिए कल्याणकारी योजनाओं के लिए दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है। पीठ ने कहा कि हम अन्य राज्यों के साथ सुनवाई की तारीखों पर कार्रवाई करेंगे। पहले हम 6 राज्यों में खाली पड़ें पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की निगरानी करेंगे, जहां खाली पद ज्यादा हैं।

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