राजस्थान में बाजार खोलना चाहते हैं दक्षिण कोरियाई निर्माता

नई दिल्ली, 11 मार्च (आईएएनएस)| ऑटोमोबाइल पार्ट्स एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाले दक्षिण कोरिया के निर्माता राजस्थान के अगले विशेष आर्थिक जोन में अपनी उत्पादन इकाइयां लगाना चाहते हैं। दक्षिण कोरिया व्यापार संवर्धन एजेंसी (कोटरा) के महानिदेशक क्युंग यूल किम ने सोमवार को आईएएनएस से कहा, "राजस्थान में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने में दक्षिण कोरियाई कंपनियों, खासकर ऑटोमोबाइल पार्ट्स एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली कंपनियों को बहुत फायदे हैं।"

कोटरा दक्षिण कोरिया के वाणिज्य, उद्योग एवं ऊर्जा मंत्रालय की प्रमुख एजेंसी है, जिसे देश की कंपनियों के हितों को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कोटरा ने सोमवार को राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) के साथ राष्ट्रीय राजधानी से सटे नीमराना के करीब गिलोट में दक्षिण कोरियाई उद्योग के लिए विशेष औद्योगिक जोन स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।

क्युंग ने कहा, "आयातित पार्ट्स एवं अन्य उपकरणों की बहुत मांग है। भारत में और वह भी राष्ट्रीय राजधानी के करीब उत्पादन इकाइयां स्थापित करने को दक्षिण कोरिया की कंपनियां गंभीरता से ले रही हैं।"

उन्होंने कहा, "राजस्थान सरकार हमें भूमि के साथ-साथ लागत की सुविधाएं मुहैया करा रही हैं, जो प्रस्तावित औद्योगिक जोन में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए दक्षिण कोरियाई कंपनियों को आकर्षित कर रही है।"

वहीं, रीको ने कहा कि वह राज्य में विनिर्माण के क्षेत्र में जापानी निवेश को आकर्षित करने की तरह ही एक बार फिर अपनी सफलता दोहराने को लेकर आश्वस्त है।

रीको के अध्यक्ष एवं उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील अरोड़ा ने कार्यक्रम के दौरान कहा, "एमओयू दो साल के लिए है। हम नीमराना में वर्ष 2008 में स्थापित विशेष विनिर्माण जोन के लिए जापानी निवेश आकर्षित करने की कामयाबी दोहराने को लेकर आश्वस्त हैं।"

इस वक्त करीब 40 जापानी कंपनियां 1,000 एकड़ में नीमराना क्षेत्र में अपनी उत्पादन इकाइयां शुरू करने के विभिन्न चरण में हैं।

दोनों पक्षों ने इस तरह के सहयोग से व्यापार एवं निवेश के विकास को लेकर भरोसा जताया।

भारत में दक्षिण कोरिया के राजदूत जून-ग्यू ली भी इस अवसर पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।

दोनों देशों के बीच पिछले साल 19 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। भारत में दक्षिण कोरिया का निवेश जहां तीन अरब डॉलर का था, वहीं भारत ने एक अरब डॉलर का निवेश दक्षिण कोरिया में किया।

सैमसंग, एलजी तथा हुंडई जैसी दक्षिण कोरियाई कंपनियों की भारत में महत्वपूर्ण भूमिका है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

 

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