हत्या के इरादे से हुआ था सरबजीत पर हमला : चिकित्सक

पाकिस्तान की जेल में कैदियों के जानलेवा हमले से मौत का शिकार हुए सरबजीत सिंह के शव का दोबारा यहां पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने पाकिस्तान के इस दावे को खारिज किया है कि वह कैदियों के साथ 'हाथापाई' में घायल हुए थे। चिकित्सकों का साफ कहना है कि हमले का इरादा सरबजीत को जान से मारना ही था। सरबजीत का दोबारा पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के दल के प्रमुख अमृतसर चिकित्सा महाविद्यालय के डॉ. गुरजीत सिंह मान ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "हमले का मुख्य उद्देश्य सरबजीत को जान से मारना था। खोपड़ी का ऊपरी भाग बुरी तरह कुचला हुआ था, बल्कि यह दो भागों में बंटा था। सिर में गंभीर चोट की वजह से उनकी मौत हुई।"

उन्होंने कहा कि सरबजीत के सिर पर लगे घाव ईंट सहित किसी 'भारी हथियार' से किए गए थे। यह पूछे जाने पर कि क्या हमले में दो ही कैदी शामिल हो सकते हैं, जैसा कि पाकिस्तान दावा कर रहा है, डॉ. मान ने कहा, "हमलावरों में दो से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं।"

सरबजीत के शव का दोबारा पोस्टमार्टम यहां पट्टी शहर के एक अस्पताल में किया गया। पहला पोस्टमार्टम पाकिस्तान के चिकित्सकों के दल ने भारत को शव सौंपे जाने से पहले किया था।

मान ने बताया कि पाकिस्तान ने सरबजीत के शव के साथ केवल मौत का प्रमाण-पत्र भेजा था। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने चिकित्सा रिपोर्ट या जांच रिपोर्ट नहीं भेजी है। उनके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या निकला, यह भी नहीं बताया गया। हम अपनी अंतिम रिपोर्ट के लिए उनका इंतजार कर रहे हैं।"

सरबजीत का शव भारत भेजे जाने से पहले हृदय तथा किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंग निकाले जाने की रिपोर्ट पर डॉ. मान ने कहा, "हमारा मानना है कि ऐसा संभवत: जांच के लिए विसरा भेजे जाने की प्रक्रिया के तहत किया गया। हम मौत के वास्तविक कारण का पता लगाएंगे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

POPULAR ON IBN7.IN