यूको बैंक में 621 करोड़ की धोखाधड़ी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने यूको बैंक के पूर्व अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) अरुण कौल और अन्य के खिलाफ 621 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। सीबीआइ की प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत बैंक से कर्ज जारी कर रकम की हेराफेरी की। आरोपियों में दो निजी कंपनियों के प्रमोटर और दो चार्टर्ड एकाउंटेंट शामिल हैं। मामला दर्ज कर सीबीआइ ने 10 जगहों पर छापे मारे। आठ ठिकाने दिल्ली में और बाकी मुंबई में हैं।

सीबीआइ के प्रवक्ता अभिषेक दयाल के अनुसार, बैंक के अनुरोध पर यह केस दर्ज किया गया है। आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत बैंक कर्ज की हेराफेरी करके यूको बैंक से करीब 621 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की। कौल के अलावा सीबीआइ ने इरा इंजीनियरिंग इंफ्रा इंडिया लिमिटेड (मेसर्स ईईआईएल), उसके अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हेम सिंह भराना, दो चार्टर्ड अकाउंटेंट -पंकज जैन और वंदना शारदा, निर्माण के कारोबार से जुड़ी कंपनी मेसर्स अलटियस फिंसर्व प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर पवन बंसल और कई अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

वर्ष 2010-15 के दौरान अरुण कौल यूको बैंक के सीएमडी पद पर थे। सीबीआइ के प्रवक्ता ने कहा कि कौल के यूको बैंक के सीएडी रहते कई अनियमितताएं हुर्इं। उनके कार्यकाल में दोनों कंपनियों के लिए बैंक ने जो 621 करोड़ की रकम बतौर कर्ज जारी की, उसका सटीक इस्तेमाल नहीं किया गया। फर्जी प्रमाणपत्रों, कारोबारी आंकड़े दिखाकर उस रकम का गबन किया गया। दोनों कंपनियों के चार्टर्ड एकाउंटेंट ने कर्ज के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। बाद में पूरी रकम एनपीए में तब्दील कर दी गई।

 

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