सोनिया गांधी ने तहलका के फाइनेंसरों को थी बचाने की कोशिश, जानें जेटली की किताब की बातें

राजनीतिज्ञ जया जेटली ने अपनी आत्मकथा में आरोप लगाया है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तलहका के 2001 में डिफेंस ​डील में भ्रष्टाचार को लेकर किए गए स्टिंग आॅपरेशन के बाद उसे बचाने की कोशिश की. उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी ने इसको लेकर उस वक्त के मौजूदा वित्त मंत्री को पत्र भी लिखा था और उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा था कि तहलका के फाइनेंसरों के साथ "अनुचित या अन्यायपूर्ण" तरीके से व्यवहार ना किया जाए. जेटली समता पार्टी के नेता जॉर्ज फर्नांडिस की नजदीकी हैं, जिन्हें तहलका के आॅपरेशन वेस्ट एंड स्टिंग के बाद रक्षा मंत्रालय छोडना पड़ा था. 
8 प्वाइंट मेंं जानें क्या है पूरा मामला
  1. जया जेटली की आत्मकथा "लाइफ इन द स्कॉर्पियंस: मेमोइर्स ऑफ ए वुमन इन इंडियन पॉलिटिक्स" आज रिलीज होगी-
  2. तहलका पत्रिका ने अटल बिहारी वाजपेयी एनडीए सरकार के दौरान रक्षा सौदों में कथित भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ किया था जिसके चलते बाद में तत्कालीन रक्षा मत्री जार्ज फर्नाडिंस को त्यागपत्र देना था-
  3. तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण को कैमरे के समक्ष धन लेते हुए पकड़ा गया था और बाद में वह दोषी ठहराये गये थे.
  4. इस भंडाफोड़ के बाद फर्स्ट ग्लोबल के प्रवर्तक देविना मेहरा और शंकर शर्मा के खिलाफ विभिन्न जांच एजेंसियों ने कई मामले दर्ज किये थे.
  5. यूपीए सरकार 2004 में जब सत्ता में आयी थी तो स्टिंग करने वाले शंकर शर्मा ने सोनिया को एक पत्र लिखा था जो उस समय राष्ट्रीय सलाहकार परिषद की प्रमुख थीं. उन्होंने कहा था कि विभिन्न एजेंसिया अभी तक उन्हें परेशान कर रही हैं और उनकी दिक्कतें दूर होनी चाहिए.
  6. फर्स्ट ग्लोबल के पत्र को संलग्न करते हुए सोनिया ने अपने आधिकारिक लैटरहैड पर चिदंबरम को लिखा था कि वह इस मुद्दे को ‘‘प्राथमिकता’’ के आधार पर देखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि मामले में ‘‘कोई अनुचित या गैरकानूनी’’ व्यवहार नहीं किया जाए.
  7. चिदंबरम ने एक बयान कहा, ‘‘पत्र पर मेरी नोटिंग सही है. मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि (वित्त) मंत्रालय की ओर से, मैंने एक पत्र भेजा होगा जो मेरे समक्ष रखी गयी सामग्री पर आधारित है. सोनिया गांधी और मेरे उत्तर को एकसाथ पढ़ा जाना चाहिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरा सुझाव है कि मीडिया को सरकार से पत्र का जवाब जारी करने के लिए कहना चाहिए.’’
  8. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मंगलवार को सुझाव दिया कि मीडिया को सरकार से उनका वह जवाब जारी करने के लिए कहना चाहिए जो उन्होंने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को लिखा था. सोनिया ने उनसे कथित रूप से आरोपों को देखने के लिए कहा था कि उस निजी फर्म फर्स्ट ग्लोबल को परेशान किया जा रहा है जो ‘तहलका’ का वित्त पोषण करती है.

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