आर्थिक मोर्चे पर भारत के लिए अच्छी खबर, कारोबारी माहौल की रैंकिंग में लंबी छलांग

 वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि भारत की व्यापार सुगमता रैंकिंग 30 पायदान सुधरकर 100वें स्थान पर पहुंच गई है. कारोबार सुगमता के 10 संकेतकों में से आठ को अमल में लाने से भारत की रैंकिंग सुधरी है. वर्ल्ड बैंक ने यह भी कहा कि भारत की व्यापार सुगमता रैकिंग तय करते समय जीएसटी क्रियान्वयन को शामिल नहीं किया गया है, इसके प्रभाव को अगले साल शामिल किया जाएगा. 
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
  1. इस रैंकिंग पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि पिछले कुछ सालों से इस सूची में भारत की रैंकिंग 130 से 140 के आसपास रहती थी.
  2. 2014 में हमारी रैंकिंग 142 थी, जबकि पिछले साल 130वीं रैंकिंग थी. इस साल हमने 30 पायदानों की छलांग लगाई है.
  3. जेटली ने कहा कि हम लगातार उन सभी मानदंडों में सुधार की कोशिश करते रहे हैं, जिसे व्यापार सुगमता के लिहाज से जरूरी समझा जाता है.
  4. वर्ल्ड बैंक ने ऐसे कुछ चुनिंदा देशों के ही नाम लिए हैं, जिन्होंने इस लिहाज से उल्लेखनीय प्रगति की है.
  5. जेटली ने कहा कि भारत एकमात्र बड़ा देश है, जिसका नाम विश्व बैंक की ताजा व्यापार सुगमता रिपोर्ट में संरचनात्मक सुधारों को लागू करने में लिया गया है.
  6. जेटली ने कहा कि भारत कारोबार सुगमता रैंकिंग में शीर्ष 50 देशों में शामिल हो सकता है.
  7. उन्होंने कहा कि भारत ने कारोबार सुगमता में सबसे बड़ा उछाल टैक्स रिफॉर्म क्राइटेरिया में दर्ज किया है
  8. वर्ल्ड बैंक की इस रैंकिंग में न्यूजीलैंड टॉप पर है, जबकि सिंगापुर का स्थान दूसरा है. डेनमार्क तीसरे पायदान पर है.
  9. अगर पड़ोसी देशों की बात करें तो पाकिस्तान की रैंकिंग 147 और बांग्लादेश की 177 है.
  10. इस सूची में सबसे निचले स्थान पर सोमालिया है.

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