चीन से लगी सीमा पर आईटीबीपी की 50 नई चौकियां, चीनी भाषा भी सीख रहे हैं भारतीय जवान

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि सरकार भारत-चीन सीमा पर आईटीबीपी की 50 और चौकियां बनाने तथा इसके ऊंचाई पर स्थित सभी ठिकानों में तापमान पूरे साल 20 डिग्री सेल्सियस तक बरकरार रखना सुनिश्चित करने के लिए नई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने पर विचार कर रही है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी ) के 56 वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में बल के जवानों और अधिकारियों को संबोधित कर रहे सिंह ने बल की क्षमता बढ़ाने के लिए कई कदमों का ऐलान किया।

इन कदमों में अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में 25 सीमा सड़कों का निर्माण, 9,000 फुट से अधिक ऊंचाई पर तैनात सैनिकों के लिए विशेष रूप से कम वजन वाले गर्म कपड़े और 3,488 किमी लंबी चीन भारत सीमा के अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में गश्त के लिए बर्फ पर चलने वाले स्कूटरों का विस्तारित बेड़ा आदि शामिल हैं। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘हम आपकी परिचालन एवं अवसंरचना क्षमताओं को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हाल ही में हमें बल के लिए 50 नई सीमा चौकियां बनाने का एक प्रस्ताव मिला है और हम उस पर काम कर रहे हैं।’’

वर्तमान में भारत चीन सीमा पर 176 सीमा चौकियां हैं। सिंह ने कहा कि सरकार अत्यधिक ऊंचाई वाली आईटीबीपी चौकियों पर कम से कम 20 डिग्री सेल्सियस तापमान सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने पर विचार कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अग्रिम सीमा चौकियां अत्यधिक हिमपात तथा कड़ाके की ठंड के दौरान अलग-थलग न पड़ जाएं। उन्होंने कहा ‘‘हमने लद्दाख में एक मॉडल सीमा चौकी बनाई है जिसमें तापमान को 20 डिग्री सेल्सियस तक बरकरार रखा जा सकता है। हम सिक्किम में तथा इस सीमा के पूर्वी हिस्से में ऐसी और सीमा चौकियां बनाएंगे।’’

 

गृह मंत्री ने कहा कि वह 1962 में स्थापित इस बल के पास उपलब्ध आवासीय एवं अवसंरचना सुविधाओं से संतुष्ट नहीं हैं और इन क्षेत्रों में सुधार के लिए गंभीरता से काम कर रहे हैं। सिंह ने कहा कि बल की 35 पुरानी सीमा चौकियां अत्यधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हैं और उनका समग्र यूनिटों के तौर पर उन्नयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम आईटीबीपी के लिए सीमा क्षेत्रों में सड़क, मोबाइल एवं उपग्रह संपर्क बढ़ाने पर काम कर रहे हैं।’’

गृह मंत्री ने आईटीपीबी जवानों से कहा कि वे सीमा क्षेत्रों के निवासियों से अच्छे संबंध सुनिश्चित करें जिन्हें उन्होंने देश की सामरिक संपत्ति तथा सीमाओं को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण पक्षकार करार दिया। सिंह ने कहा कि आए दिन भारतीय और चीनी सैनिकों के आमने सामने होने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए आईटीबीपी के कर्मी अब अपने मूलभूत प्रशिक्षण के दौरान चीनी भाषा सीख रहे हैं। बल की सराहना करते हुए सिंह ने आईटीबीपी के अधिकारियों से ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मी के कम से कम एक परिवार की जिम्मेदारी लेने को कहा। उन्होंने बताया कि अभियानों के दौरान जो जवान 50 फीसदी दिव्यांग हो जाते हैं, मंत्रालय ‘भारत के वीर’ कोष से उनकी मदद करने पर काम कर रहा है।

आईटीबीपी के महानिदेशक आर के पचनन्दा ने कहा कि बल को देश में सभी सीमा प्रहरी बलों के लिए उपग्रह संचार हासिल करने एवं उसकी समुचित व्यवस्था करने के लिए नोडल एजेंसी नामित किया गया है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने अत्यधिक ऊंचाई वाली सीमा चौकियों के लिए हेलीकॉप्टर किराए पर लेने के आईटीबीपी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। पचनन्दा ने यह भी बताया कि बल अपने खुफिया ढांचे का भी विस्तार कर रहा है। गृह मंत्री ने आईटीबीपी द्वारा महिला सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, विश्व योग दिवस आदि अभियानों में की गई सक्रिय पहल एवं बल द्वारा निभाई जा रही उल्लेखनीय भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना हर स्थिति में मजबूती के साथ राष्ट्र की सेवा के लिए सर्मिपत है।

इस अवसर पर बल के 6 पदाधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक एवं 26 अन्य पदाधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदकों से विभूषित किया गया। स्थापना दिवस पर आयोजित परेड के दौरान आईटीबीपी की महिला पुलिस बल की टुकड़ी सबसे आगे थी। इसके पश्चात कमांडो, स्कीइंग, पर्वतारोहण, नक्सल विरोधी अभियान, छाताधारी ,घुड़सवार एवं अन्य टुकडियां शामिल थीं। वर्ष 2017 के लिए बल की 38 वीं वाहिनी को सर्वश्रेष्ठ नॉन बॉर्डर बटालियन तथा प्रथम वाहिनी को ओवरआॅल सर्वश्रेष्ठ वाहिनी घोषित किया गया तथा शील्ड भेंट की गई।

 

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