उपराष्ट्रपति चुनाव: नायडू बोले- पार्टी जो कहेगी वही करूंगा, पीएम ने दिया आखिरी फैसला लेने का अधिकार

आज राष्ट्रपति पद के लिए मतदान हुआ और दूसरी तरफ उप-राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए गहमागहमी अपने चरम पर पहुंच गई है. एबीपी न्यूज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उपराष्ट्रपति पद के लिए केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू का नाम लगभग तय हो गया है. पार्टी किसी दक्षिण भारतीय को अपना उम्मीदवार बनाने के मूड में है.

पार्टी जो फैसला लेगी वही करूंगा: नायडू
उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर वेंकैया नायडू ने कहा, ”मुझे अभी टीवी के जरिए ऐसी खबरें मिली हैं. मैंने सुना है कि जो घटक दल हैं वो प्रधानमंत्री की पसंद का समर्थन करेंगे. शाम को पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक है, उसके बाद पता चल जाएगा. इस बीच में जो भी नाम चल रहे हैं सब अटकलों के आधार पर हैं, इसलिए अभी कुछ भी कहना सही नहीं होगा.”

पीएम मोदी ने खुद फोन कर फैसला लेने को कहा: सूत्र
सूत्रों के मुताबिक खुद प्रधानमंत्री मोदी ने वैंकेया नायडू को फोन किया था. प्रधानमंत्री ने कहा कि वो नहीं चाहते हैं कि उनकी कैबिनेट का कोई साथी दूसरी जगह पर जाए. लेकिन कभी कभी ऐसे फैसले करने पड़ते हैं. इसके बाद प्रधानमंत्री ने इस पर आखिरी फैसला लेने का अधिकार वैंकेया नायडू पर ही छोड़ दिया. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी वैंकेया नायडू से बात कर आखिरी फैसला लेने को कहा.

आज शाम होगा नायडू के नाम का ऐलान: सूत्र
पुख्ता जानकारी मिली है कि वेंकैया नायडू का नाम करीब-करीब तय हो गया है और आज शाम बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में उनके नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है. 18 जुलाई नामांकन की अंतिम तारीख है इसलिए आज शाम तक उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम का एलान हो जाएगा

कौन हैं वेंकैया नायडू?
वेंकैया नायडू मोदी सरकार के सबसे वरिष्ठ मंत्रियों में से एक हैं और वो दक्षिण भारत के सबसे पुराने बीजेपी नेताओं में से एक हैं. इसके अलावा वो 2002 से 2004 तक बीजेपी अध्यक्ष भी थे. आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिला के रहनेवाले वेंकैया नायडू बीजेपी में शामिल होने से पहले 70 के दशक में आरएसएस और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में उल्लेखनीय योगदान दे चुके हैं.

आपतकाल के दौरान वो जय प्रकाश नारायण के आंदोलन से जुड़े थे और उस समय वो जेल भी गये थे. 1978 और 1983 में नेल्लौर से विधायक चुने के बाद वो पहली बार 1998 में राज्यसभा सांसद बने. अभी वो राजस्थान से राज्यसभा सांसद है और मोदी सरकार में उनकी भूमिका एक संकटमोचक के तौर पर है.

और कौन नाम रेस में ?
निर्मला सीतारमन: निर्मला सीतारमन मोदी सरकार में मंत्री हैं. सीतारमन वाणिज्य और उद्योग (स्वतंत्र प्रभार) और वित्त व कारपोरेट मामलों की राज्य मंत्री हैं. मंत्री बनने से पहले वो पार्टी की प्रवक्ता रही हैं. इनका संबंध तमिलनाडु है.

विद्यासागर राव: सी विद्यासागर राव दक्षिण भारत का एक जाना पहचाना नाम है. वो फिलहाल तमिलनाडु के राज्यपाल हैं. इनका संबंध बीजेपी से रहा है. अटल बिहारी की सरकार में मंत्री रहे हैं. आप आंध्र प्रदेश के रहने वाले हैं.

विपक्ष की तरफ से गोपाल कृष्ण गाधी का नाम
कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए ने उप राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर रखी है. यूपीए की तरफ से उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी है. पश्चिम बंगाल के गवर्नर रहे गोपाल कृष्ण गांधी महात्मा गांधी के पोते हैं. कांग्रेस सहित 18 विपक्षी पार्टियों ने गोपाल कृष्ण को अपना समर्थन देने का एलान कर रखा है.

पांच अगस्त को होगी उपराष्ट्पति पद के लिए वोटिंग
उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान पांच अगस्त को होंगे. इस पद के लिए नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि 18 जुलाई है. उपराष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचक कालेज में 790 सदस्य हैं जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं. सत्तारूढ़ गठबंधन को निर्वाचक कालेज में जबर्दस्त बहुमत हासिल है.

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