वरिष्ठ नागरिकों के आएंगे 'अच्छे दिन'

नई दिल्ली: गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले देश के करोड़ों वरिष्ठ नागरिकों के लिए अच्छी खबर है. वरिष्ठ नागरिकों के लिये सरकार 477 करोड़ रपये की लागत से एक योजना शुरू करने जा रही है. अगले हफ्ते शुरू होने जा रही योजना के तहत सरकार वरिष्ठ नागरिकों को सुनने में सहायक मशीन और व्हीलचेयर सहित उम्र संबंधी सहायक उपकरण नि:शुल्क प्रदान करेगी. केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत और सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू 25 मार्च को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिला में एक शिविर में प्रस्तावित 'राष्ट्रीय वयोश्री योजना' शुरू करेंगे. इसी तरह के एक शिविर का आयोजन 26 मार्च को मध्य प्रदेश के उज्जैन जिला में होगा.

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "योजना का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर तबके के बुजुर्गों को ये सहायक उपकरण प्रदान कर उन्हें सक्रिय जीवन में लाना और बुजुर्गों के अनुकूल समाज का निर्माण करना है."  उन्होंने बताया कि योजना के तहत सरकार ने हर शिविर में 2,000 लाभार्थियों के बीच ऐसे सहायक उपकरण वितरित करने का लक्ष्य रखा है. अधिकारी के अनुसार योजना के लिये विभाग ने तीन नाम सुझाये थे जिनमें से प्रधानमंत्री कार्यालय ने 'राष्ट्रीय वयोश्री योजना' के नाम पर अपनी स्वीकृति दी थी.

योजना के लिए न्यूनतम योग्यताएं तय
योजना का लाभ पाने वालों के लिए न्यूनतम योग्यताएं भी निर्धारित की गई हैं. लाभ लेने वालों की उम्र 60 साल या उससे ज्यादा होना चाहिए. साथ ही उसका नाम बीपीएल श्रेणी से होना जरूरी है.अधिकारियों की मानें तो सामाजिक विभाग ने प्रधानमंत्री कार्यालय को तीन नामों का सुझाव दिया था, जिनमें राष्ट्रीय वयोश्री योजना का चयन किया गया.

ये उपकरण मिलेंगे
बुजुर्गो को वितरित किए जाने उपकरण आईएसआई मानदंडों के अनुरूप होंगे. योजना के तहत आरामदायक जूते, बैसाखी, कृत्रिम दांत, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, चश्मा, ट्रायपॉड, लोकोमोटर असमर्थता से निपटने वाले यंत्र समेत अन्य उपकरण मुफ्त दिए जाएंगे. माना जा रहा है कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना जनवरी में लांच होनी थी, पर पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों को देखते हुए इसे टाल दिया गया था. 2011 के जनगणना के मुताबिक देश में 10.38 करोड़ वरिष्ठ नागरिक हैं. इनमें 5.2 फीसद बुजुर्ग उम्र संबंधी निशक्तता से ग्रसित हैं. 

  • Agency: IANS