सरकार ने बताया 40 साल में दोगुनी से भी ज्यादा हुई हिंदुओं की आबादी

देश में हिंदुओं की जनसंख्या पिछले चार दशकों में पूर्ण रूप से बढ़ी है, लेकिन इस अवधि के दौरान कुल आबादी में उसका हिस्सा घट गया है। गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि हिंदुओं की आबादी 1971 में 45.33 करोड़ थी, जो 2011 में बढ़कर 96.22 करोड़ हो गई। एक लिखित जवाब में उन्होंने कहा, लेकिन कुल आबादी में हिंदू जनसंख्या में उनका हिस्सा घट गया है। अहीर ने कहा कि 1971 में हिंदुओं की कुल जनसंख्या 82.7 प्रतिशत थी जो 2011 में 79.8 प्रतिशत रह गई। सरकार ने अपने जवाब में पिछली पांच जनगणनाओं से मिले डाटा का हवाला भी दिया है।

जनगणना-1971: कुल आबादी 54.79 करोड़, हिंदू 45.33 करोड़ (82.7%)

जनगणना-1981: कुल आबादी 66.53 करोड़ , हिंदू 54.98 करोड़ (82.6%)

जनगणना-1991: कुल आबादी 83.86 करोड़, हिंदू 68.76 करोड़ ( 82.0%)

जनगणना-2001: कुल आबादी 102.86 करोड़, हिंदू 82.76 करोड़ (80.5%)

जनगणना-2011: कुल आबादी 121.08 करोड़, हिंदू 96.62 करोड़ (79.8%)

आपको बता दें कि समय-समय पर हिंदू संगठनों की तरफ से यह कहा जाता रहा है कि देश में हिंदुओं की आबादी घट रही है। 13 फरवरी को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू  ने कहा था कि भारत में हिंदू आबादी कम हो रही है क्योंकि वे ‘कभी लोगों का धर्म परिवर्तन’ नहीं कराते जबकि कुछ अन्य देशों के विपरीत हमारे यहां अल्पसंख्यक फल फूल रहे हैं। रिजिजू ने ट्वीट कर यह बयान दिया था। अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस समिति ने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर अरुणाचल प्रदेश को एक हिंदू राज्य में बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया था जिसके बाद गृह राज्यमंत्री का यह बयान आया था। इसके अलावा 2015 में जब एनडीए सरकार ने धर्म आधारित आंकड़े जारी किए थे, जिनके अनुसार, 2001 से 2011 के बीच 10 साल की अवधि में मुसलिम समुदाय की आबादी में 0.8 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और यह 13.8 करोड़ से 17.22 करोड़ हो गई, वहीं हिंदू जनसंख्या में 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और इस अवधि में यह 96.63 करोड़ हो गई।

महापंजीयक और जनगणना आयुक्त द्वारा जारी 2011 के धार्मिक जनगणना डाटा के अनुसार देश में 2011 में कुल जनसंख्या 121.09 करोड़ थी। इसमें हिंदू जनसंख्या 96.63 करोड़ (79.8 फीसद), मुसलिम आबादी 17.22 करोड़ (14.2 फीसद), ईसाई 2.78 करोड़ (2.3 फीसद), सिख 2.08 करोड़ (1.7 फीसद), बौद्ध 0.84 करोड़ (0.7 फीसद), जैन 0.45 करोड़ (0.4 फीसद) और अन्य धर्म और मत (ओआरपी) 0.79 करोड़ (0.7 फीसद) रही।

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