जब्त हो सकती है पूर्व सीबीआई निदेशक की संपत्ति

प्रवर्तन निदेशालय सीबीआई के पूर्व निदेशक अमर प्रताप सिंह और विवादास्पद मांस निर्यातक मोइन कुरैशी तथा अन्य के खिलाफ सीबीआई की एक हालिया प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन रोधी कानूनों के तहत जल्द एक आपराधिक शिकायत दर्ज कर सकता है। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी एक नयी प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करेगी जो सीबीआई या पुलिस की प्राथमिकी के समान है। एजेंसी कथित रूप से ‘अपराध के फायदे’ के मामले में जांच करेगी जो सरकारी अधिकारियों द्वारा कुछ निजी पक्षों और कारोबारियों पर कृपादृष्टि डालकर हासिल किया गया।

एजेंसी इस मामले में अपनी पहली ईसीआईआर के तहत 2015 में कुरैशी के खिलाफ धन शोधन रोकथाम कानून :पीएमएलए: के तहत पहले ही मामला दर्ज कर चुकी है। कुरैशी के खिलाफ आयकर विभाग के एक आरोपपत्र का संज्ञान लिये जाने के बाद मामला दर्ज किया गया था। अधिकारियों ने कहा कि अगले कुछ दिन में संभावित रूप से दर्ज होने वाली नयी शिकायत के तहत प्रवर्तन निदेशालय पीएमएलए के तहत सिंह, कुरैशी और अन्य की संपत्तियां कुर्क करने पर भी विचार करेगा।

सीबीआई ने अपने पूर्व निदेशक सिंह, कुरैशी और उसके कर्मचारी आदित्य शर्मा, ट्राइमेक्स समूह की कपंनियों के मालिक प्रदीप कोनेरू और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ पिछले महीने मामला दर्ज किया था। सरकारी अधिकारियों और कारोबारियों तथा अन्य निजी क्षेत्र के लोगों के बीच कथित रूप से अवैध तरीके से फायदा पहुंचाने के आरोपों में मामला दर्ज किया गया था।

समझा जाता है कि ईडी अपनी जांच का विस्तार कर उन सभी लोगों को इसके दायरे में लेना चाहती है जो सीबीआई की प्राथमिकी में नामजद लोगों के साथ संपर्क में रहे हैं। गौरतलब है कि सीबीआई की प्राथमिकी ईडी की शिकायत पर ही दर्ज की गयी थी। 1974 बैच के आईपीएस अधिकारी ए पी सिंह नवंबर 2010 से नवंबर 2012 के बीच सीबीआई के प्रमुख रहे थे।

 

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