सीबीआई ने अपने एक और पूर्व निदेशक पर की FIR

सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोयला घोटाले के आरोपियों के साथ रिश्तों के चलते पूर्व सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा की जांच के आदेश दिए जाने के एक महीने के अंदर ही एक और पूर्व सीबीआई डायरेक्टर एपी सिंह जांच के घेरे में आ गए हैं। वर्ष 1974 बैच के आईपीएस अधिकारी सिंह दिसंबर 2010 से दिसंबर 2012 के बीच एजेंसी के प्रमुख थे और उन्होंने सिन्हा के बाद डायरेक्टर पद संभाला था। प्रवर्तन निदेशालय से मिली शिकायत के आधार पर सीबीआई ने सोमवार को एपी सिंह, विवादास्पद मीट कारोबारी मोईन कुरैशी, उनके कर्मचारी आदित्य शर्मा, ट्राईमैक्स कंपनी समूह के मालिक प्रदीप कोनेरू और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

शिकायत में आरोप लगाए गए थे कि एपी सिंह के सीबीआई चीफ रहते कुरैशी लोगों और व्यावसाई संस्थाओं से भ्रष्टाचार के मामले में सहयोग, इंटेलिजेंस रिपोर्ट को प्रभावित करने जैसे कामों के लिए पैसे लेता था। मोईन कुरैशी का कथित तौर पर सहयोग करने पर सीबीआई ने अपने पूर्व प्रमुख अमर प्रताप सिंह पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद सोमवार को उनके आवास पर छापेमारी की। सीबीआई के सूत्रों ने कहा कि एजेंसी ने चार शहरों — नई दिल्ली, गाजियाबाद, चेन्नई और हैदराबाद में छापेमारी की। नौकरशाहों का सहयोग लेने के लिए कुरैशी पर कई लोगों से धन हासिल करने का आरोप है। जिन परिसरों पर छापेमारी की गई है उनमें कुरैशी का एक कर्मचारी, उसकी कंपनी, सिंह का आवास और हैदराबाद में प्रदीप कोनेरू का आवास शामिल है। वाईएसआर कांग्रेस के नेता जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई कोनेरू की जांच कर रही है।

हमारे सहयोगी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस को मिली सीबीआई के एफआईआर में लिखा है, “कुरैशी कुछ सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बिचौलिए की तरह था और रिकॉर्ड की जांच से संज्ञेय अपराध का पता लगता है।” 15 मई 2014 को इंडियन एक्सप्रेस ने इनकम टैक्स जांच के आधार पर कुरैशी और सिंह के बीच हुए कथित ब्लैकबेरी मैसेंजर टेक्स्ट (BBM) के बारे में खुलासा किया था। अपनी रिपोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय ने 22 BBM मैसेज का जिक्र किया है, जिससे पता लगता है कि सिंह और कुरैशी लगातार संपर्क मे थे, यहां तक की 2012 में सिंह के रिटायर होने के बाद भी। 25 में से केवल 3 मैसेज ही ऐसे थे जो सिंह के सीबीआई डायरेक्टर रहते आपस में किए गए थे।

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