मिजोरम लॉटरी घोटाले की सीबीआई जांच की मांग

आइजोल:  मिजोरम में एक भ्रष्टाचार रोधी संस्था ने कई करोड़ रुपये के लॉटरी घोटाला मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की है। पीपुल्स राइट टू इंफारर्मेशन एंड डेवेलपमेंट सोसाइटी ऑफ मिजोरम (प्रिज्म) ने मिजोरम विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष ललरुतकिमा को लिखे एक पत्र में कहा है कि इस घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए।

प्रिज्म ने शुक्रवार को मीडिया में जारी किए गए पत्र में कहा, "भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने लेखा परीक्षण रिपोर्ट में राज्य लॉटरी में भारी अनियमितताएं पाईं। इसकी गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सीबीआई से जांच कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है।"

सीएजी ने राज्य विधानसभा में प्रस्तुत की गई अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा कि मिजोरम सरकार को साल 2012-13 से 2014-15 के वित्तीय वर्ष में 11,808.77 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। यह नुकसान चार लॉटरी वितरकों द्वारा प्रशासनिक खर्च और न्यूनतम गांरटी राजस्व (एमजीआर) नहीं जमा करने की वजह से हुआ है।

इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया, "राज्य सरकार ने 2012-13 से 2014-15 के दौरान मात्र 25.45 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया।"

इस बीच मिजोरम के वित्त मंत्री ललसावता ने कहा कि राज्य सरकार के लॉटरी वितरकों के साथ किए गए समझौते के तहत लॉटरी बिक्री में एक रुपये का भी नुकसान नहीं हुआ है।

संवाददाताओं से बात करते हुए ललसावता ने कहा कि वितरकों के साथ किए गए समझौते के अनुसार, राज्य सरकार के पास साल 2012-13 और 2014-2015 के लॉटरी निकालने के लिए वितरकों द्वारा 25.45 करोड़ रुपये एमजीआर के रूप में जमा किए गए।

उन्होंने कहा कि अभी जो लॉटरी मिजोरम में चल रही है, यह समझौते के प्रारूप पर आधारित है। इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निर्धारित किया है।

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