मीडियावालों को देख एक बार में दो-दो सीढ़‍ियां उतरने लगे आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल अहमदाबाद में मीडियावालों से बचते हुए नजर आए। जब उन्होंने मीडिया वालों को देखा तो वे दौड़ने लगे और उनके पहुंचने से अपनी कार में बैठकर निकल गए। उर्जित पटेल अहमदाबाद में वाइब्रेंट गुजरात समिट में हिस्सा लेने के लिए गए हुए थे। समिट के दूसरे दिन पटेल ने “Macro and Micro Drivers of Business Potential of IFSCs in India’ सेशन को संबोधित किया।

 

अंग्रेजी अखबार डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक जब पटेल को पता लगा कि हॉल के फर्स्ट फ्लॉर के एंट्रेस गेट पर मीडियावाले उनका इंतजार कर रहे हैं तो वे हॉल के पीछे के रास्ते से निकल गए। जब उन्हें लगा कि पत्रकार उनके पीछे दौड़ रहे हैं तो वे भी दौड़ने लगे। रिपोर्ट के मुताबिक वे एक समय में दो-दो सीढ़ियां उतरने लगे और मीडियावालों के पहुंचने से पहले ही अपनी कार में बैठकर वहां से निकल गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक उर्जित पटेल नोटबंदी को लेकर मीडिया के सवालों का सामना नहीं करना चाहते थे।

 

उर्जित पटेल ने साल 2016 में रघुराम राजन जगह आरबीआई के गवर्नर बने थे। इसके बाद मोदी सरकार ने 8 नवंबर को नोटबंदी का ऐलान कर दिया। नोटबंदी के बाद उर्जित पटेल का कई जगहों पर विरोध किया गया था। वहीं ये भी सवाल उठे थे कि नोटबंदी मोदी सरकार ने की या फिर आरबीआई ने। आरबीआई मोदी सरकार का नाम ले रही है और मोदी सरकार आरबीआई का नाम ले रही है।

 

हालही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया गवर्नर उर्जित पटेल को संसद की लोक लेखा समिति (PAC) ने नोटबंदी से जुड़े 10 सवाल भेजे थे। इंडियन एक्‍सप्रेस के हाथ लगे सभी सवालों में पूछा गया है कि कितने नोट बंद किए गए और पुरानी करंसी में से कितना वापस जमा किया जा चुका है, पिछले दो महीनों से आरबीआई के रेगुलेशंस में बार-बार बदलाव क्‍यों हुए, किस कानून और आरबीआई को मिली शक्तियों के तहत लोगों पर अपनी ही नकदी निकालने पर सीमा तय की गई। वरिष्‍ठ कांग्रेस नेता केवी थॉमस की अगुवाई वाली समिति ने पटेल से पूछा है कि अगर ऐसा कोई कानून नहीं है तो उन पर ”शक्तियों का दुरुपयोग करने के लिए” मुकदमा क्‍यों न चले और उन्‍हें हटाया क्‍यों न जाए।

 

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