BSF जवान की शिकायत के बाद केंद्र ने सीमा से लगी पोस्टों पर डाइटिशियन टीम भेजने का फैसला लिया

नई दिल्ली: बीएसएफ के जवान तेजबहादुर यादव के खाने का मुद्दा उठाने के बाद केंद्र सरकार हरकत में आ गई है.केंद्र सरकार ने सभी सीमा से लगी पोस्टों पर एक डाइटिशियन की टीम को भेजने का फैसला किया है. यह बात केंद्रीय गृहराज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कही है.

वीडियो में दिख रही है डिब्बाबंद दाल : बीएसएफ
आज बीएसएफ जवान तेज बहादुर के आरोपों के बाद डीआईजी लेवल की एक जांच रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी जा सकती है. वहीं बीएसएफ ने शुरुआती रिपोर्ट में कहा है कि वीडियो में दिख रही दाल दरअसल डिब्बाबंद दाल थी और जो परांठा था वह मेस में बनाया गया था. साथ ही यह भी कहा है कि ज्यादा ऊंचाई वाले इलाके में यही प्रोटोकॉल फॉलो किया जाता है. साथ ही बीएसएफ ने खाने की क्वॉलिटी बनाए रखने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

जांच के बाद सेना ने माना है कि भोजन बनाने और उसकी स्वच्छ ढंग से आपूर्ति तथा स्थापित नियमों के अनुसार निर्धारित गुणवत्ता को लेकर कुछ कमियां पाई गई हैं. बयान में कहा गया कि जवानों के भोजन से संबंधित मुद्दे, रसद खरीद प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे तथा बाद में उनका दुरूपयोग किसी भी संगठन के लिए चिंता का मुख्य विषय होते हैं. बयान में कहा गया है कि बीएसएफ ने इस मामले में तमाम बिंदुओं की जांच करने के बाद समुचित कार्रवाई शुरू कर दी है.

तेजबहादुर को प्लंबर का काम दिया
वहीं शिकायत करने वाले जवान तेजबहादुर को एलओसी से ट्रांसफर कर प्लंबर का काम दे दिया गया है.उनके परिवार के लोगों ने भी सवाल उठाए हैं कि अगर उन्होंने ख़राब खाने की शिकायत की तो क्या ग़लत किया।

परिवार ने कहा कि तेजबहादुर को निशाना बनाया जा रहा है
वीडियो मामले को लेकर बीएसएफ के महानिदेशक ने सोमवार को दिल्ली में गृह सचिव से मुलाकात की. उधर तेजबहादुर के परिवार का कहना है कि तेजबहादुर पहले भी खाने की क्वॉलिटी को लेकर शिकायत करते रहे हैं. परिवार ने आरोप लगाया है कि बीएसएफ उन्हें निशाना बना रही है. पुंछ से लगी नियंत्रण रेखा पर जवानों को ख़राब खाना दिए जाने की शिकायत वाला वीडियो अब तक तीन दिन में लाखों लोग देख चुके हैं. हरियाणा में रहने वाले तेजबहादुर का परिवार भी कह रहा है कि जवानों की गुलामों की तरह रखा जाता है.

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