बीएसएफ जवान तेज बहादुर की पत्नी ने कहा-अगर मेरे पति पागल हैं, तो क्यों दी हुई है बंदूक

खराब खाने को लेकर वीडियो पोस्ट करने वाले बीएसएफ जवान की पत्नी ने बुधवार (11 जनवरी) को अपने पति का बचाव किया। जवान तेज बहादुर यादव की पत्नी शर्मिला यादव ने टाइम्स अॉफ इंडिया से बातचीत में कहा कि अगर मेरे पति दिमागी तौर पर बीमार और अनुशासनहीन हैं तो बीएसएफ द्वारा संवेदनशील इलाकों में देश की रक्षा करने के लिए उन्हें बंदूक क्यों दी गई है। शर्मिला ने कहा कि मेरे पति की परेशानी यह है कि अपनी सर्विस की ड्यूटी के दौरान वह अन्याय बर्दाश्त नहीं कर सकते। फोन पर हरियाणा के रेवाड़ी से बातचीत में शर्मिला ने कहा कि बीएसएफ में आने से पहले उनके पति को ट्रेनिंग पूरी करने के बाद गोल्ड मेडल मिला था।

उन्होंने दावा किया कि तेज बहादुर के 20 साल के करियर में उन्हें 14 अवॉर्ड बीएसएफ ने दिए हैं। शर्मिला ने कथित तौर पर कहा कि पहले सच बोलने के कारण बीएसएफ ने उनके पति को सजा दी थी। उन्होंने कहा कि बीएसएफ एक अनुशासित बल है और इनमें छोटी की गलती भी माफ नहीं की जाती। शर्मिला ने कहा कि अगर उनके पति का इतना ही खराब रिकॉर्ड था तो उन्हें बॉर्डर पर क्यों रखा गया। शर्मिला 17 साल के बेटे रोहित के साथ रहती हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति बीएसएफ में 5 साल और सर्विस करना चाहते हैं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें 31 जनवरी को सर्विस के 20 साल पूरा होने के बाद वॉलंटरी रिटायरमेंट लेने के लिए मजबूर किया। उनकी वीआरएस एप्लिकेशन भी मंजूर हो गई है। उन्होंने कहा कि मेरे पति ने इससे पहले भी खराब क्वॉलिटी के खाने के बारे में बताया था, लेकिन मैं उस वक्त हैरान रह गई जब उन्होंने वीडियो पोस्ट कर दिया। मैंने उन्हें कहा भी था कि वह इससे मुश्किल में पड़ सकते हैं।

उन्होंने बताया कि कई लोगों ने वीडियो और फेसबुक अकाउंट की सत्यता पर सवाल उठाए, लेकिन मुझे अपने पति के अकाउंट का पासवर्ड पता है। इसके बाद मैंने लॉग इन कर इसके सच होने की पुष्टि की। बता दें कि तीन दिनों में जवान का वह वीडियो करीब 90 लाख लोग देख चुके हैं और 4.4 लाख लोगों ने उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया है। गृह मंत्रालय ने भी जवान के दावे के बाद जांच के आदेश दे दिए हैं। लेकिन बीएसएफ के आईजी डीके उपाध्याय ने मंगलवार को कहा था कि जवान तेज बहादुर पर अनुशासनहीनता और शराबी होने के आरोप लग चुके हैं। इतना ही नहीं उसे कोर्ट मार्शल भी सहना पड़ा था।