कतर में मौत की सजा पाए भारतीयों की तरफ से दया याचिका

 

नई दिल्ली:  विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा कि भारत सरकार तमिलनाडु के उन दो लोगों के परिजनों की तरफ से एक दया याचिका दाखिल करेगी, जिन्हें कतर सर्वोच्च न्यायालय ने बीते साल मौत की सजा सुनाई थी। मंत्री ने कहा कि दूतावास ने खाड़ी देश में एक बुजुर्ग महिला की हत्या के दोषी अलगप्पा सुब्रमण्यम तथा चेल्लादुरई पेरूमल की तरफ से दया याचिका दाखिल करने में तमिलनाडु सरकार से मदद का आग्रह किया है।

मंत्री ने एक ट्वीट में कहा, "आरोपियों के परिजनों की तरफ से हमें एक दया याचिका दाखिल करनी है। हमारे दूतावास ने इस संदर्भ में तमिलनाडु सरकार से आग्रह किया है।" सुषमा ने शनिवार को कतर स्थित भारतीय दूतावास से मामले की रिपोर्ट मांगी थी।

उन्होंने इससे पहले किए गए एक ट्वीट में कहा, "तमिलनाडु निवासी अलगप्पा तथा चेल्लादुरई को दी गई मौत की सजा पर हमें कतर से एक रिपोर्ट मिली है।"

बीते आठ दिसंबर को मंत्रालय ने कहा, "अलगप्पा सुब्रमण्यम तथा चेल्लादुरई की मौत की सजा बरकरार रखी गई है। तीसरे दोषी शिवकुमार अरचुनन की मौत की सजा की अपीलीय अदालत ने समीक्षा की और उसे आजीवन कारावास में बदल दिया।"

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा, "तीनों के संबंध में हमने एक मामला दर्ज कराया था, क्योंकि हमारा मानना है कि सजा कुछ ज्यादा ही कठोर है। वकील के साथ हमारा दूतावास इस मामले पर पैनी निगाह बनाए हुए है। तीनों दोषियों के मामले को देखने के लिए एक वकील नियुक्त किया गया है।"

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