‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ विवाद पर आया प्रोड्यूसर का यह बयान

‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. यह विवाद ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के 8 सितंबर को प्रसारित 2287वें एपिसोड को लेकर हुआ था. शो से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस एपिसोड में प्रसारित किए गए प्रकरण को गलत अर्थ में समझने की वजह से यह विवाद पैदा हुआ है. अब शो के प्रोड्यूसर और क्रिएटर ने भी विवाद को लेकर अपना बयान जारी कर दिया है.

शो के प्रोड्यूसर और क्रिएटर असित कुमार मोदी का कहना है, " रोशन सिंह सोढी को हमने गुरु गोविंद सिंह जी के खालसा रूप में दिखाया था. इस का प्रमाण उनके संवाद और उनका प्रदर्शन है. हम हमेशा सभी धर्मों का बराबर सम्मान करते हैं और हम किसी भी धर्म का न तो अपमान कर सकते हैं, न ही किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं. हमारे शो में अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के लोग साथ रहते हैं और सभी मिल जुलकर हर त्यौहार को मनाते हैं. हमें पता है और हम इस बात का सम्मान करते हैं कि कोई भी व्यक्ति किसी भी सिख गुरु का रूप नहीं ले सकता. हमारे शो में भी हमने गुरु गोविंद सिंह जी का स्वरूप नहीं लिया है. रोशन सिंह सोढ़ी को हमने खालसा के रूप में दिखाया था. हम अपने दर्शकों से निवेदन करते हैं कि वे प्रसारित हुए प्रकरण को गलत प्रसंग में न देखें."

इस एपिसोड को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने आपत्ति जताई थी और कहा था कि इस तरह की हरकत करके धार्मिक भावनाओं को ठस पहुंचाई गई है. इसके बाद से ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ पर बैन की तलवार लटकने की बात कही जा रही है.

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