यौन उत्‍पीड़न सिर्फ फिल्‍मों में ही नहीं हर दूसरे घर में होता है, हर किसी को मुंह खोलना पड़ेगा: राधिका आप्टे

अभिनेत्री राधिका आप्टे का मानना है कि यौन उत्पीड़न सिर्फ ग्लैमर व शोबिज की दुनिया में ही नहीं बल्कि हर दूसरे घर में होता है। राधिका ने मुंबई से फोन पर बताया, “यौन उत्पीड़न हर दूसरे घर में होता है, इसलिए यह सिर्फ फिल्म उद्योग का हिस्सा नहीं है। भारत सहित दुनिया में हर जगह बाल दुर्व्यवहार, घरेलू हिंसा होता है।” उन्होंने कहा कि यह हर क्षेत्र या घर में कुछ स्तर पर या अन्य स्तर पर होता है, जिसे समाप्त करने की जरूरत है। अभिनेत्री ने जोर देते हुए कहा कि यौन उत्पीड़न का शिकार सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष, छोटे बच्चे और हर कोई होता है। लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल हर स्तर पर करते हैं। राधिका ने कहा कि इसे बदलने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इसकी शुरुआत ‘नहीं’ कहने से होती है, चाहे आपकी महात्वकांक्षा कितनी भी बड़ी क्यों न हो। आपको इस बारे में बहादुर बनने और खुद की प्रतिभा पर भरोसा करने की जरूरत है। ‘नहीं’ कहें और बोलना शुरू करें क्योंकि अगर कोई एक शख्स बोलता या बोलती है तो उनकी कोई नहीं सुनने वाला, लेकिन अगर 10 लोग बोलते हैं, तो और लोग उनकी बातें सुनेंगे।”

 

फिल्म ‘फोबिया’ की अभिनेत्री एमटीवी के आगामी डिजिटल शो ‘फेम-इस्तान’ में मेंटर के रूप में नजर आएंगी। उन्होंने कहा कि लोगों के काम करने के लिए और ज्यादा नियोजित पेशेवर मंच होने चाहिए। हॉलीवुड के मशहूर निर्माता हार्वे वाइंस्टीन के ऊपर यौन उत्पीड़न के कई आरोप लगने के बाद यौन उत्पीड़न को लेकर बहस छिड़ गई है।

यह पूछे जाने पर कि बॉलीवुड में कास्टिंग काउच के मामले में कोई नाम क्यों नहीं सामने आया तो राधिका ने कहा, “डर की वजह से..क्योंकि जो लोग महात्वाकांक्षी हैं, वे डरे हुए हैं। वे सोचते हैं कि अगर वे किसी का नाम लेते हैं, जो बेहद रसूखदार हैं तो फिर उनके साथ क्या होगा? मैं बस यही बात कह रही हूं कि हर किसी को मुंह खोलना पड़ेगा।” राधिका ने फिल्म ‘वाह! लाइफ हो तो ऐसी’ से 2005 में बॉलीवुड में आगाज किया था।

 

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