अभिनय से अलग भी मेरी जिंदगी है: विद्या बालन

विद्या बालन अपनी लोकप्रियता के हर पल का मजा लेती है, लेकिन अभिनय को अब भी वह एक ‘काम’ मानती हैं और उसे अपने निजी जीवन पर हावी होने देना नहीं चाहती हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री बताती हैं कि वह नहीं चाहतीं कि उनकी लोकप्रियता उनके या उनके परिवार के निजी जीवन में खलल डाले। साक्षात्कार में विद्या ने कहा, ‘मैंने काफी स्टारडम देखा है। मैंने स्टारडम से मिलनेवाली चीजों का आनंद भी उठाया है। लेकिन अंत में अभिनय एक काम है और मेरी हरसंभव कोशिश रहती है कि मैं इसे बेहतरीन तरीके से करूं।’ उन्होंने कहा, सिद्धार्थ (विद्या बालन के पति सिद्धार्थ रॉय कपूर) अभिनेता नहीं हैं। मैं उनके बारे में वैसे नहीं बात कर सकती हूं, जिस तरह मैं खुद के बारे में बात कर सकती हूं।

मुझे उनकी निजता का सम्मान करने की जरूरत है। ठीक इसी तरह मेरे परिवार के लोग कलाकार नहीं है। वह लोग सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आते हैं। बॉलीवुड में साल 2005 में परिणीता फिल्म से अपने करियर की शुरुआत करने वालीं विद्या बालन को इस फिल्म के बाद लगातार फिल्में मिलती रहीं। अभिनेत्री का कहना है कि उन्होंने बाद में फिल्मों के लिए हामी भरना कम कर दिया क्योंकि उन्हें लगने लगा था कि फिल्में करने के अलावा भी जिंदगी है।

अभिनेत्री ने कहा, मैं सिर्फ फिल्मों के लिए जिंदा नहीं रहना चाहती हूं। इससे आगे भी मेरी जिंदगी है। जब मैं शूटिंग नहीं कर रही होती हूं तो मैं अपने में ही रहना चाहती हूं। मुझे ऐसा महसूस नहीं होता है कि सार्वजनिक मंचों पर आना आवश्यक है। मैं अब भी रविवार को बाहर नहीं जाती हूं। कैमरे के अलावा जीवन जीना मेरे लिए बहुत जरूरी है क्योंकि इन्हीं अनुभवों से मैं अपने किरदारों को बनाती हूं। विद्या को बॉलीवुड में बड़ी कामयाबी हासिल करने में काफी संघर्षों का सामना करना पड़ा था और अभिनेत्री मानती हैं कि उनका संघर्ष अब भी संघर्ष जारी है।

 

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