ट्विंकल खन्ना खुद को ऐसे देती हैं सांत्वना

नई दिल्ली:  अभिनेत्री से उद्यमी बनी और अब अपनी किताबों और स्तंभों के साथ नई तरंगों का निर्माण कर रहीं ट्विंकल खन्ना को इस बात का कोई पछतावा नहीं है कि वह सफल फिल्में नहीं दे सकीं। सोशल मीडिया पर मिसेज फनीबोन्स के रूप में प्रसिद्ध ट्विंकल खुद को यह कहकर सांत्वना देती हैं कि लेखन शैली जीवन भर उनके साथ रहेगी। यह पूछे जाने पर कि उन्हें कलाकार के रूप में अधिक प्रशंसा नहीं मिली, इसके विपरीत उन्होंने लेखन करियर में अपना मुकाम हासिल किया।

ट्विंकल ने मुंबई से फोन पर आईएएनएस से कहा, "शायद मैं बेहतर लेखिका हूं इसलिए मैं खुद को इस तथ्य के साथ सांत्वना देती हूं कि यह करियर जीवन भर मेरे साथ रहेगा।"

दिग्गज अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया और दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना की बेटी ट्विंकल 'बरसा", 'जब प्यार किससे होता है', 'मेला', 'बादशाह' और 'जोरू का गुलाम' जैसी फिल्मों में दिखाई दी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुईं।

इससे बाद वह उद्यमी बनी और इंटीरियर डिजाइनिंग में अपनी दिलचस्पी दिखाई। वह रोजाना अपने कॉलम में लेखन कौशल के लिए पहचानी जाने लगीं और अंत में वह लेखिका बनकर उभरी। वह अपनी व्यावसायिक यात्रा को संतुष्टिदायक मानती हैं।

वर्तमान में ट्विंकल अपने प्रोडक्शन की 'पैडमेन' के साथ व्यस्त हैं। इसमें अक्षय और राधिका आप्टे महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।

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