ललित मोदी ने क्रिकेट से कहा 'गुडबॉय', नागौर क्रिकेट एसोसिएशन से इस्‍तीफा दिया

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व प्रमुख और 'दागी' क्रिकेट  प्रशासक ललित मोदी ने राजस्‍थान के नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्‍यक्ष पद से इस्‍तीफा दे दिया है. देर रात  ललित मोदी ने तीन पेज का एक पत्र जारी करके राजस्‍थान क्रिकेट की बेहतरी के लिए प्रयासों पर जोर दिया है. पत्र में उन्‍होंने लिखा, 'मुझे लगता है कि अब समय आ गया है कि मैं 'बेटन' अगली पीढ़ी की ओर बढ़ा दूं. इसलिए मैं अब क्रिकेट प्रशासन को बॉय-बाय कहना चाहता हूं. 50 साल के ललित मोदी पर मनी लांड्रिंग के गंभीर आरोप लगे हैं और भारतीय प्रशासन से बचने के लिए ब्रिटेन में रह रहे हैं. मार्च में इंटरपोल ने उनके खिलाफ वैश्विक वारंट जारी करने की भारत की अपील को ठुकरा दिया था.

उन्‍होंने लिखा, क्रिकेट से जुड़े मित्रों, मैं इस अवसर पर हर किसी को आईपीएल को यह विशाल स्‍वरूप देने के लिए तहेदिल से धन्‍यवाद देता हूं. गौरतलब है कि नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन में ललित मोदी की मौजूदगी के कारण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने राजस्‍थान क्रिकेट एसोसिएशन को बैन कर दिया था.

अब जब वे नागौर जिला क्रिकेट एसो. से बाहर होने का फैसला ले चुके है, राज्‍य क्रिकेट एसो को उम्‍मीद है कि यह प्रतिबंध हटा लिया जाएगा और क्रिकेट के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का फंड उसे हासिल हो जाए. राजस्‍थान क्रिकेट को बेहतर बनाने पर यह राशि खर्च की जाएगी. पिछले तीन सालों में राजस्‍थान ने एक भी इंडियन प्रीमियर लीग या अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट मैच की मेजबानी नहीं की है.ललित मोदी के 22 वर्षीय बेटे रुचिर को इसी वर्ष जून में राजस्‍थान क्रिकेट एसोसिएशन के बहुचर्चित चुनाव में कांग्रेस के दिग्‍गज सीपी जोशी से हार का सामना करना पड़ा था.

आईपीएल के संस्‍थापक के तौर पर पहचान रखने वाले ललित मोदी ने टैक्‍स चोरी, मनी लांड्रिंग के आरोपों के बाद वर्ष 2010 में भारत छोड़ दिया था. फिलहाल वे लंदन में रह रहे हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का आरोप है कि करीब 125 करोड़ रुपए के भ्रष्‍टाचार के लिए मोदी ने वर्ष 2009 में आईपीएल के अधिकार देने की प्रक्रिया को बदला.

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