रवींद्र जाडेजा बोले-इन लोगों की वजह से बना टेस्ट क्रिकेट का नंबर एक गेंदबाज और अॉलराउंडर

भारत के रवींद्र जाडेजा टेस्ट क्रिकेट में नंबर एक गेंदबाज तो थे ही। अब वह नंबर एक अॉलराउंडर भी बन गए हैं। उनसे पहले इस स्थान पर बांग्लादेश के शाकिब-अल-हसन थे। फिलहाल हसन के 431 पॉइंट्स और जाडेजा के 438 पॉइंट्स हैं। वहीं रविचंद्रन अश्विन 418 प्वाइंट्स के साथ तीसरे पायदान पर हैं।जाडेजा ने दूसरे टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ 7 विकेट झटके थे। उनके नंबर एक बॉलर के बाद नंबर एक अॉलराउंडर बनने के इस सफर के पीछे किसका हाथ है, इसके बारे में भी उन्होंने बताया। जाडेजा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें वह, महेंद्र धोनी एवं विराट कोहली नजर आ रहे हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा, मेरा नंबर एक टेस्ट बॉलर और अॉलराउंडर बनने का सफर महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, मेरे फैन्स और परिवार के कारण संभव हुआ है। गौरतलब है कि जाडेजा श्रीलंका के खिलाफ तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच नहीं खेल पाएंगे। जाडेजा नियमों के उल्लंघन करने के चलते तीसरे टेस्ट से सस्पेंड कर दिए गए हैं। दूसरे टेस्ट में श्रीलंकाई पारी के 23वें ओवर में रवींद्र जाडेजा ने करुणारत्ने की तरफ खतरनाक तरीके से गेंद फेंकी थी। इसके चलते उनके फेयरप्ले प्वाइंट्स में कटौती कर दी गई और बीते दो साल के दौरान जडेजा के डीमैरिट प्वाइंट्स 6 हो गए।

आईसीसी के अनुसार, मैदान पर मौजूद अंपायरों ने इस व्यवहार को जानलेवा करार दिया गया, क्योंकि यह गेंद उस वक्त क्रीज पर मौजूद दिमुथ करुणारत्ने के बिल्कुल पास से होकर गुजरी थी। जडेजा को आईसीसी की धारा 2.2.8 के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। इसका साफ मतलब यह है कि अनुचित या खतरनाक तरीके से किसी भी खिलाड़ी, खिलाड़ी के समर्थक, अंपायर या मैच रैफरी की ओर गेंद या कोई अन्य उपकरण फेंकना जैसे पानी की बोतल आदि चीजें फेंकना गलत है। इस प्रतिबंध के चलते जडेजा पर उनकी मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना भी लगा है और उनके खाते में तीन डी-मैरिट अंक जुड़ गए हैं। इससे पहले इंदौर में पिछले साल अक्टूबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच के दौरान उन पर आईसीसी की धारा 2.2.11 के उल्लंघन का दोषी पाया गया था।

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