तीन विमानन कंपनियों पर जुर्माना, निर्यातक को मुआवजा

नई दिल्ली, 17 मार्च (आईएएनएस)। स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा में पहनावे की एक खेप पहुंचाने के दौरान हुई सेवा में चूक के लिए शीर्ष उपभोक्ता अदातल ने रॉयल जार्डेनियन एयरलाइन्स, चेकोस्लोवाक एयरलाइन्स (अब चेक एयरलाइन्स) और जेट एयरवेज को संयुक्त रूप से दिल्ली के एक निर्यातक को क्षतिपूर्ति के तौर पर 22 लाख रुपये और ब्याज का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष अशोक भान और सदस्यों- विनीता राय एवं एस.एम. कांतिकर- ने कहा, "प्रतिवादी सामान पहुंचान के लिए पक्षों के बीच नियम एवं शर्तो पर हुई सहमति का उल्लंघन कर सेवा में त्रुटि के दोषी हैं।"

हीरा लाल एंड सन्स (निर्यातक) प्राइवेट लिमिटेड, करोल बाग की दलील को स्वीकार करते हुए शीर्ष उपभोक्ता अदालत ने कहा, "हम प्रतिवादियों को संयुक्त रूप से याची को घोषित मुआवजा राशि 10 लाख रुपये पर शिकायत की तारीख (7 अप्रैल 1994) से 29 नवंबर 2008 तक नौ प्रतिशत ब्याज का भुगतान का निर्देश देते हैं।"

आदेश में चेकोस्लोवाक एयरलाइन्स का उल्लेख किया गया है। जिस समय शिकायत की गई थी उस समय इसका यही नाम था। इसके दो साल बाद चेकोस्लोवाकिया, चेक गणराज्य और स्लोवाकिया में विभाजित हो गया और एयरलाइन्स का नाम बदल गया।

अपनी शिकायत में निर्यातक ने कहा है कि एयरलाइन्स के साथ उसके करार में एक विशेष प्रावधान था कि 9.73 लाख रुपये की उसकी खेप नामित प्राप्तकर्ता को ही सौंपी जाएगी। नामित प्राप्तकर्ता ब्रातिस्लावा में एक बैंक था, क्योंकि खेप के लिए याची को भुगतान सुनिश्चित कराने की जवाबदेही बैंक की थी।

लेकिन प्रतिवादी इस प्रावधान को पूरा करने में विफल रहे।

शिकायत में कहा गया है, "एयरलाइन्स ने बगैर नामित प्राप्तकर्ता से पुष्टि लिए या फिर याची से संपर्क किए खेप को सीधे मेसर्स पेंटा ट्रेड को सौंप दिया। यह सामान पहुंचाने के लिए हुए करार की शर्तो का उल्लंघन और सेवा में त्रुटि है, जिससे शिकायतकर्ता का खेप के बदले मिलने वाला भुगतान लटक गया।"

दिल्ली राज्य आयोग ने निर्यातक के पक्ष में 10 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का फैसला सुनाया था। निर्यातक ने क्षतिपूर्ति की रकम पर ब्याज का दावा लेकर राष्ट्रीय आयोग में अर्जी दायर की थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

POPULAR ON IBN7.IN