शेयर बाजार : वैश्विक बिकवाली के असर से हुई तेज गिरावट

बीते सप्ताह शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसका प्रमुख कारण वैश्विक बाजारों में हुई तेज बिकवाली रही। अमेरिकी बाजार में बांड यील्ड (बांड में निवेश से होनेवाले मुनाफे) में वृद्धि के कारण दुनिया भर के निवेशक शेयरों से पैसा निकालकर बांड में लगाने में जुट गए हैं, जिससे एशियाई, अमेरिकी और यूरोपीय शेयर बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है तथा कच्चे तेल में निवेश घटने से उसके दाम भी तेजी से गिर रहे हैं। इसके अलावा भारतीय बाजारों पर वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा एक फरवरी को पेश किए गए आम बजट 2018-19 में प्रस्तावित दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (एलटीसीजी) कर के कारण भी गिरावट आई है। सरकार ने अगले वित्त वर्ष से एक साल से अधिक रखे गए शेयरों पर हुई कमाई पर 10 फीसदी का एलटीसीजी कर लगाया है। 

बीते सप्ताह साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स में 1,060.99 अंकों या 3.03 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 34,005.76 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में 305.65 अंकों या 2.84 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 10,454.95 पर बंद हुआ। बीएसई के मिडकैप सूचकांक में 60.21 अंकों या 0.36 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और यह 16,634.91 पर बंद हुआ तथा स्मॉलकैप सूचकांक 325.45 अंकों या 1.82 फीसदी की तेजी के साथ 18,172.98 पर बंद हुआ।

सोमवार को एलटीसीजी कर की घोषणा के कारण बाजार में तेज गिरावट आई और सेंसेक्स 309.59 अंकों या 0.88 फीसदी की तेजी के साथ 34,757.16 पर बंद हुआ। मंगलवार को भी एलटीसीजी कर के असर से बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा और सेंसेक्स 561.22 अंकों या 1.61 फीसदी गिरावट के साथ 34,195.94 पर बंद हुआ। बुधवार को सेंसेक्स में 113.23 अंकों या 0.33 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 34,082.71 पर बंद हुआ।  

लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद गुरुवार को सेंसेक्स में थोड़ी तेजी आई और 330.45 अंकों या 0.97 फीसदी तेजी के साथ 34,413.16 पर बंद हुआ। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सेंसेक्स 407.40 या 1.18 फीसदी की गिरावट के साथ 34,005.76 पर बंद हुआ।

बीते सप्ताह सेंसेक्स के तेजी वाले शेयरों में प्रमुख रहे - सन फार्मा (5.72 फीसदी), डॉ. रेड्डी (3.43 फीसदी) और टाटा स्टील (2.08 फीसदी)।

सेंसेक्स के गिरावट वाले शेयरों में प्रमुख रहे - यस बैंक (6.99 फीसदी), इंडसइंड बैंक (5.94 फीसदी), कोटक महिंद्रा बैंक (5.19 फीसदी), एचडीएफसी बैंक (4.94 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (2.40 फीसदी), एक्सिस बैंक (1.32 फीसदी), भरतीय स्टेट बैंक(0.17 फीसदी), बजाज ऑटो (3.63 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (2.41 फीसदी), मारुति सुजुकी (0.60 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.87 फीसदी), हीरो मोटोकॉर्प (2.14 फीसदी), टीसीएस (5.62 फीसदी), विप्रो (5.16 फीसदी) और इंफोसिस (2.62 फीसदी)। 

व्यापक आर्थिक मोर्चे पर, देश के सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन पर मार्किट इकॉनामिक्स के जनवरी के आंकड़े से पता चलता है कि निक्केई इंडिया सर्विसिस पीएमआई जनवरी में बढ़कर 51.7 पर रहा, जोकि साल 2017 के दिसंबर में 50.9 पर था। इस सूचकांक में 50 से कम का अंक मंदी का और 50 से ऊपर का अंक तेजी का सूचक है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा है और रेपो रेट छह फीसदी पर तथा रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी पर बरकरार है।

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