2019 से सभी कारों में एयरबैग्स, रिवर्स पार्किंग सेंसर और स्पीड अलर्ट अनिवार्य : रिपोर्ट्स

रिपोर्ट के अनुसार सभी कार मैन्युफैक्चर्स को अपनी कारों के साथ अनिवार्य रूप से एयरबैग्स, रिवर्स पार्किंग सेंसर और स्पीड अलर्ट सिस्टम देना होगा. रिपोर्ट्स की मानें तो 1 जुलाई 2019 से सभी कारों में ये एडवांस सेफ्टी फीचर्स मिलेंगे जो लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद ज़रूरी हैं. इसमें एयरबैग्स और रिवर्स पार्किंग सेंसर के साथ 80 किमी/घंटा की स्पीड से आगे बढ़ने पर चालक को स्पीड अलर्ट मिलना शुरू हो जाएगा. इसके साथ ही सीटबेल्ट वार्निंग और कई ऐसे फीचर्स कार के साथ मिलेंगे. सड़क और परिवहन मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को मुजूरी दे दी है और जल्द ही इसकी घोषणा भी कर दी जाएगी.
 
जहां कई कार मेकर कंपनियां अपनी एंट्री लेवल कार में एयरबैग्स और रिवर्स पार्किंग कैमरा जैसे फीचर्स दे रही हैं, वहीं यह फीचर्स या तो ऑप्शन के तौर पर उपलब्ध हैं, या फिर कार के टॉप मॉडल में दिए जा रहे हैं. अब इस नए नियम के हिसाब से कार कंपनियों को ये सभी एडवांस सेफ्टी फीचर्स अपनी सभी कारों के साथ देना अनिवार्य होगा. फिलहाल भारत में बिक रही प्रिमियम और लग्ज़री कारों में ही ये सेफ्टी फीचर्स ऑफर किए जा रहे हैं.
 
कारों में अब एडिशनल एयरबैग के अलावा स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम भी दिया जाएगा जिसमें ड्राइवर के 80 किमी/घंटा के आगे बढ़ते ही अलर्ट बीप बजने लगेगी. 100 किमी/घंटा पर पहुंचते ही अलर्ट की ये आवाज़ और तेज़ हो जाएगी और 120 किमी/घंटा की रफ्तार पर यह बीप लगातार बजती रहेगी. 2016 में सड़क दुर्घटना में मरने वाले लगभग 1.51 लाख लागों में से 74,000 लोगों की जान तेज रफ्तार ने ले ली, यही वजह है कि इस नियम को जल्द से जल्द लागू करना ज़रूरी भी है.
 
हैरानी की बात है कि ऑटोमेकर कंपनियों ग्लोबल मार्केट में अपनी कारों में ये सभी फीचर्स स्टैंडर्ड रूप से देते हैं और भारत में उसी कार में ये फीचर्स प्रिमियम कैटेगरी में दिए जाते हैं. हमें खुशी है कि भारत सरकार लोगों की सुरक्षा के लिए बड़े और कारगर कदम उठा रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि यूनियन मिनिस्टर नितिन गडकरी ने इस आदेश पर पहले ही मुहर लगा दी है और अब सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा इसकी घोषणा ही बाकी रह गई है.

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