7th Pay Commission: 1 जनवरी 2016 से दिया जाएगा बढ़ा हुआ वेतन, सरकार ने दिया दिवाली तोहफा

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को अमल में लाने के लिए पीएम मोदी की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। इस मीटिंग में देश के 7.58 लाख टीचर्स को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक वेतन देने का फैसला किया गया। मीटिंग में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के अंतर्गत आने वाले हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूट्स और केंद्र सरकार द्वारा सहायता प्राप्त टेक्निकल  इंस्टिट्यूट्स के टीचर्स और स्टाफ के लिए सातवां वेतन आयोग लागू कर दिया गया है। सरकार ने मीटिंग के बाद बयान में कहा कि इस फैसले से यूजीसी/एमएचआरडी द्वारा फंड किए जाने वाले 106 यूनिवर्सिटी/कॉलेज, राज्य सरकार द्वारा फंड की जाने वाली 329  यूनिवर्सिटी और स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटीज से एफिलेटिड 12,912 सरकारी और निजी सहायता प्राप्त कॉलेजों के 7.58 लाख टीचर्स और स्टाफ को फायदा होगा।

सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त 119 टेक्निकल इंस्टिट्यूट्स जैसे आईआईटी, आईआईएस, आईआईएम, आईआईआईटी, एनआईटीआईई आदि आते हैं। टीचिंग स्टाफ के लिए रिवाइज्ड पे स्केल 1 जनवरी 2016 से लागू होगा। टीचिंग स्टाफ को सातवें वेतन आयोग का फायदा देने के लिए सरकार पर 9,800 करोड़ रुपए का बोझ पड़ेगा। सरकार ने कहा कि इससे टीचर्स की सैलरी में 10,400 रुपए से लेकर 49,800 रुपए तक की बढ़ोत्तरी होगी। यह करीब 22-28 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी। राज्य सरकार की सहायता से चल रहे संस्थानों के टीचर्स को भी इसका फायदा मिलेगा। इससे राज्य सरकारों पर जो भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा उसकी भरपाई केंद्र सरकार करेगी।

आपको बता दें कि कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक न्यूनतम वेतन को 7,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए महीने करने को पहले ही मंजूरी दे दी है। इसके अलावा फिटमेंट फेक्टर को भी 2.57 गुना बढ़ा दिया गया है। इसके बावजूद केंद्रीय कर्मचारियों की मांग है कि न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए महीने से बढ़ाकर 26,000 रुपए महीने किया जाए और फिटमेंट फेक्टर को 2.57 गुना बढ़ाने के बजाए 3.68 गुना बढ़ाया जाए।

 

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