बैंक खातों से रुपये उड़ाने का निकाला ये नया तरीका, आपको कैसे बचना है, जान लीजिए

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चेन्नई में एचडीएफसी बैंक के सात ग्राहकों को ठगों ने 3.99 लाख रुपये का चूना लगा दिया। वो भी बिल्कुल नये तरीके से। माना जा रहा है कि ठगों ने ये चोरी दूरसंचार कंपनियों के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर की है। शक है कि इस ठगी में बैंक के कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई में ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के भी कुछ ग्राहकों को इसी तरह ठगा जा चुका है। आइए हम आपको बताते हैं कि ऐसे ठगों का नया तरीका क्या है और क्या है उससे बचने का उपाय।

ये ठग आम लोगों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) या किसी अन्य बैंक का कर्मचारी बनकर फोन करते हैं। फोनकॉल को वास्तविक जताने के लिए बातचीत से पहले ऑटोमेटे संदेश सुनायी देता है, मसलन “स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों से उनके पासवर्ड, एटीएम पिन या सीवीवी नंबर देने के लिए नहीं कहता है। ऐसी जानकारी हमारे कॉलसेंटर के प्रतिनिधि से साझा मत करें।”

ऐसी फोनकॉल को असली समझ लेने वालों को ठग *121# पर एसएमएस करके केवाईसी (नो योर कस्टमर) और आधार कार्ड की जानकारी अपग्रेड कराने के लिए कहता है। जब आप *121# पर एसएमएस भेज देते हैं तो ठग एक ब्लैंक सिम से नंबर पोर्ट करा लेता है। नए पोर्ट किए गए नंबर से ठक आपके खाते से पैसा ट्रांसफर करता है। चूंकि पैसा ट्रांसफर करने की पुष्टि के लिए आपके मोबाइल नंबर पर ओटीपी पासवर्ड आता है तो ठग आपके नंबर वाले मोबाइल पर इस ओटीपी को मंगाकर पैसा अपने मनचाहे खाते में ट्रांसफर कर लेता है। ऐसी ठगी का पता चलने के बाद एचडीएफसी बैंक पुलिस में एफआईआर दर्ज करायी है।

मामले में बैंककर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका है। पुलिस ने टीओआई को बताया कि ऐसे मामलों में ठगी के लिए बैंक खाता संख्या या उसकी नेटबैंकिंग आईडी चाहिए होगी तो ठग को ये जानकारियां कैसे मिल रही हैं? तो ऐसे ठगों से बचने के लिए आप बैंक या ऐसी किसी भी संस्थान से फोनकॉल आने पर *121# या किसी भी ऐसे नंबर पर मैसेज न करें। अगर आप आप अपना फोन नंबर बदल रहे हैं तो उसकी जानकारी अपने बैंकी की शाखा में जाकर अपडेट कराएं। ये बात हमेशा याद रखें कि कोई भी बैंक फोन या एसएमएस से आपको न ही कोई जानकारी मांगता है और न ही किसी नंबर पर एसएमएस करने के लिए कहता है।

POPULAR ON IBN7.IN