नोटबंदी से उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव : रिपोर्ट

 

नई दिल्ली:  नोटबंदी के कारण उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्र पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, क्योंकि नकदी की कमी के कारण उपभोक्ताओं ने अपने खर्च में काफी कटौती की। जेएम फाइनेंसियल की रिपोर्ट में यह बातें कही गई है।

वित्तीय सेवा कंपनी ने एक बयान में कहा, "इस तिमाही की शुरुआत ज्यादातर कारोबार के लिए सकारात्मक ढंग से हुई थी। खासतौर से त्योहारों के दौरान मांग में काफी तेजी आई थी, लेकिन जैसा कि अब अच्छी तरह जगजाहिर है कि 8 नवंबर को की गई नोटबंदी के कारण वित्त वर्ष 2016-17 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में सभी किस्म के कारोबार पर पानी फिर गया।"

इसमें कहा गया, "जिन कंपनियों से हमने बात की, वे नवंबर मध्य जब नोटबंदी की गई थी की तुलना में दिसंबर के अंत में अधिक आशावादी दिखे। हालांकि हमें कमाई सीजन के अंतिम आंकड़े देखने होंगे कि क्या यह तिमाही उतना बुरा होता है जितना अनुमान लगाए गए हैं (नवंबर में 20-15 फीसदी की कमी तथा दिसंबर में 10-12 फीसदी की कमी)"

इस रिपोर्ट में आगे कहा गया, "हमें बड़े पैमाने पर सपाट बिक्री (-0.9 फीसदी), एबिटा (ब्याज, कर, मूल्यहास और परिशोधन से पहले की कमाई) (-1.1 फीसदी) और समायोजित शुद्ध लाभ (0.9 फीसदी) रहने की उम्मीद है।"

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